amit-shah-siliguri-claims; चिट्ठी बाद में, मंजूरी पहले… सिलीगुड़ी से अमित शाह का बड़ा दावा, BSF-SSB को मिली 1,129 एकड़ जमीन

बी के झा

NSK news Ind

कोलकाता/सिलीगुड़ी , 21 अगस्त

पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। सिलीगुड़ी में आयोजित कार्यक्रम में शाह ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की खुलकर सराहना करते हुए दावा किया कि राज्य सरकार ने महज़ 45 दिनों के भीतर BSF और SSB के लिए 1,129 एकड़ जमीन उपलब्ध करा दी, जबकि यही मांग 2014 से लंबित थी।शाह ने कहा कि अब केवल 29 एकड़ जमीन का मामला शेष है और उसके लिए भी प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

“एक फोन कॉल… और मंजूरी पहले

”अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि शुभेंदु अधिकारी के कार्यकाल में गृह मंत्रालय को सीमा सुरक्षा से जुड़े किसी भी काम के लिए लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ा।

“मैं शुभेंदु अधिकारी की दिल से तारीफ करना चाहता हूं। चिट्ठी बाद में आती है, मंजूरी पहले मिल जाती है। सीमा सुरक्षा के लिए हमें जो भी सहयोग चाहिए था, वह एक फोन कॉल पर मिला।”उन्होंने कहा कि यह तेज़ी किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की वजह से है।

2014 से अटकी मांग, 45 दिनों में पूरी

गृह मंत्री ने बताया कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़, चौकियों और सुरक्षा ढांचे के विस्तार के लिए गृह मंत्रालय वर्षों से जमीन मांग रहा था।उनके अनुसार, पहले की सरकारों के दौरान यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका, लेकिन नई सरकार बनने के बाद रिकॉर्ड समय में 1,129 एकड़ भूमि उपलब्ध करा दी गई। शाह ने कहा कि शेष 29 एकड़ के लिए भी मुख्यमंत्री ने अगले दिन आदेश जारी करने का भरोसा दिया है।

ममता सरकार पर सीधा हमलाअमित शाह ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनकी सरकार के दौरान सीमा सुरक्षा परियोजनाओं को आवश्यक जमीन नहीं मिली।उन्होंने कहा, “हम ममता बनर्जी से गुहार लगाते-लगाते थक गए थे। मैं खुद उनके कार्यालय गया और कहा था कि आप बीजेपी को नहीं, BSF को जमीन दे रही हैं। उन्होंने सहमति जताई, लेकिन जमीन कभी नहीं मिली।”

घुसपैठ रोकना सबसे बड़ी प्राथमिकता

शाह ने अपने भाषण में कहा कि पश्चिम बंगाल की सुरक्षा का सबसे बड़ा सवाल अवैध घुसपैठ है।उन्होंने कहा कि जब तक सीमा पूरी तरह सुरक्षित नहीं होगी, तब तक न पश्चिम बंगाल सुरक्षित रह सकता है और न ही देश। उनके अनुसार, घुसपैठ रोकने की पहली शर्त मजबूत बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रभावी फेंसिंग है।

राजनीतिक और सुरक्षा दोनों संदेश

सिलीगुड़ी से अमित शाह का यह भाषण केवल प्रशासनिक उपलब्धि का दावा नहीं था, बल्कि आगामी राजनीतिक माहौल में राष्ट्रीय सुरक्षा को केंद्र में रखने की रणनीति भी माना जा रहा है।

BSF और SSB के लिए जमीन उपलब्ध कराने का मुद्दा अब बंगाल की राजनीति में सुरक्षा बनाम शासन के नए विमर्श को और तेज़ कर सकता है।

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