बी के झा, एनएसके विशेष
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बेगूसराय/मुंबई , 22 अक्टूबर
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में बिहार के बेगूसराय के एक युवक की गिरफ्तारी ने कहानी में नया मोड़ ला दिया है। मुंबई पुलिस की गिरफ्त में आया ऋतिक कुमार उर्फ रोशन बेगूसराय जिले के सिंघौल थाना क्षेत्र के डुमरी गांव का रहने वाला है। एक ओर पुलिस इस सनसनीखेज मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है, तो दूसरी ओर ऋतिक की मां संयुक्ता देवी अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए न्याय की गुहार लगा रही हैं।
उनका दावा है कि उनका बेटा मुंबई में अपना काम शुरू करने गया था और वहां रहने वाली एक युवती से शादी करने की तैयारी में था।परिवार के मुताबिक, ऋतिक की जिंदगी एक नई शुरुआत की ओर बढ़ रही थी। लेकिन टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद परिवार की खुशियां चिंता और अनिश्चितता में बदल गई हैं। हालांकि, ऋतिक की कथित भूमिका और परिवार के दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
कोटा से गिरफ्तारी, मुंबई की अदालत ने 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस ने ऋतिक कुमार उर्फ रोशन को 19 अक्टूबर को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया था। उसके साथ दो अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया। उनकी पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी रेहान उर्फ सुक्का, बेगूसराय निवासी ऋतिक उर्फ रोशन और हरियाणा निवासी फूल सिंह के रूप में हुई है।तीनों आरोपियों को बुधवार तड़के कोटा से मुंबई लाया गया। इसके बाद मुंबई की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।इस बीच, बेगूसराय में ऋतिक की गिरफ्तारी की खबर पहुंचने के बाद उसके परिवार की चिंता बढ़ गई। मां संयुक्ता देवी ने बेटे की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मां बोलीं- ‘मेरा बेटा बेकसूर है, उसे फंसाया गया’
ऋतिक की मां संयुक्ता देवी ने बुधवार को बताया कि 20 अक्टूबर को कोटा पुलिस ने उन्हें फोन करके जानकारी दी थी कि उनके बेटे को मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया है। उनके मुताबिक, पुलिस ने बताया कि वह एक बदमाश को लिफ्ट देने के चक्कर में मामले में फंस गया है।संयुक्ता देवी ने अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए कहा कि पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि जब 19 अक्टूबर को ऋतिक की गिरफ्तारी की खबर मीडिया में आई थी, तब उन्होंने तस्वीर देखकर उसकी पहचान स्वीकार नहीं की थी। बाद में पुलिस से सूचना मिलने पर उन्हें बेटे की गिरफ्तारी की जानकारी मिली।परिवार का दावा है कि ऋतिक की गिरफ्तारी के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होनी चाहिए।
हालांकि, पुलिस की जांच और अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों से ही यह तय हो सकेगा कि इस मामले में ऋतिक की भूमिका क्या थी।
एक अक्टूबर को मुंबई गया था ऋतिक, गेस्ट हाउस खोलने की थी योजना
संयुक्ता देवी के मुताबिक, ऋतिक एक अक्टूबर को गांव से मुंबई के लिए निकला था। उसने परिवार को बताया था कि वह वहां गेस्ट हाउस खोलने की योजना पर काम करेगा।इससे पहले ऋतिक दिल्ली में एक कैटरर के यहां खाना बनाने का काम करता था। परिवार के अनुसार, 17 अक्टूबर को दोपहर करीब तीन बजे उसकी अपने पिता से आखिरी बार बातचीत हुई थी। इसके बाद उससे संपर्क नहीं हो सका। उसका मोबाइल फोन भी बंद आने लगा था।परिवार के लिए यही बात सबसे ज्यादा परेशान करने वाली है कि मुंबई जाने के कुछ ही दिनों बाद ऋतिक का संपर्क टूट गया और फिर उसकी गिरफ्तारी की खबर सामने आई।अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि ऋतिक मुंबई पहुंचने के बाद किन लोगों के संपर्क में था, उसकी गतिविधियां क्या थीं और फायरिंग की घटना से उसका कथित संबंध किस प्रकार जुड़ा।
मुंबई की ज्योति से प्यार, शादी की तैयारी का मां ने किया दावा
इस मामले का एक व्यक्तिगत पहलू भी सामने आया है। ऋतिक की मां संयुक्ता देवी ने बताया कि उनका बेटा मुंबई में एयरपोर्ट पर काम करने वाली ज्योति नाम की युवती से प्रेम करता था। मां के मुताबिक, दोनों की शादी जल्द होने वाली थी।संयुक्ता देवी ने आशंका जताई कि संभव है युवती के परिवार वालों ने उनके बेटे को फंसाया हो। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे गिरफ्तारी का कारण नहीं माना जा सकता।
पुलिस की जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि ऋतिक के निजी संबंधों का इस मामले से कोई संबंध है या नहीं। फिलहाल युवती अथवा उसके परिवार की कथित भूमिका को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
छोटी दुकान से परिवार चलाते हैं माता-पिता
ऋतिक का परिवार बेगूसराय जिले के सिंघौल थाना क्षेत्र के डुमरी गांव के वार्ड नंबर सात में रहता है। परिवार का मूल निवास मटिहानी थाना क्षेत्र के बदलपुरा गांव में बताया गया है।ऋतिक के पिता रामू महतो और मां संयुक्ता देवी पिपरा चौक पर चाय-नाश्ते तथा कॉस्मेटिक्स की छोटी-सी दुकान चलाते हैं। परिवार ने करीब दो साल पहले डुमरी में आठ धुर जमीन पर अपना घर बनाया था।साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि वाले इस परिवार के लिए बेटे की गिरफ्तारी बड़ा झटका है। मां लगातार अपने बेटे को निर्दोष बता रही हैं और चाहती हैं कि जांच में किसी तरह की जल्दबाजी न हो तथा सभी तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल की जाए।
बेगूसराय के सदर एसडीपीओ-वन प्रशांत कुमार ने बताया कि मामले की जांच मुंबई पुलिस कर रही है। ऋतिक के माता-पिता से पूछताछ भी की जा चुकी है।
सात और गिरफ्तारियां, कुल संख्या 10 होने का दावा
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस घटना के सिलसिले में सात और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 10 बताई गई है।जांच एजेंसियां आरोपियों के बीच संभावित संपर्क, घटना की पृष्ठभूमि और कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। ऋतिक समेत तीन आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजे जाने के बाद पूछताछ के जरिए मामले में उनकी भूमिका स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी।
एनएसके का सवाल:
क्या ऋतिक वास्तव में किसी आपराधिक साजिश का हिस्सा था, या जैसा कि उसकी मां दावा कर रही हैं, वह परिस्थितियों के कारण इस मामले में उलझ गया?
फिलहाल दोनों संभावनाओं पर अंतिम फैसला सुनाना जल्दबाजी होगी। जांच का निष्कर्ष, उपलब्ध साक्ष्य और अदालत की कार्यवाही ही सच्चाई सामने लाएंगे।
एक मां की अपने बेटे को निर्दोष बताने की गुहार अपनी जगह है, लेकिन न्याय का तकाजा है कि न किसी को बिना सबूत दोषी ठहराया जाए और न ही जांच पूरी होने से पहले किसी को निर्दोष घोषित किया जाए।
