बी. के. झा – NSK दिल्ली
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नई दिल्ली,16 अक्टूबर
भारतीय राजनीति के उन दिग्गज चेहरों में शुमार, जिनकी भूमिका ने देश की सियासत की दिशा और दशा को प्रभावित किया, पूर्व उपप्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी अस्पताल में भर्ती हैं। शुक्रवार को उन्हें सीने में संक्रमण और उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार के लिए दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया।
फिलहाल उनका इलाज जारी है और अस्पताल की ओर से विस्तृत स्वास्थ्य बुलेटिन का इंतजार किया जा रहा है।98 वर्ष की उम्र में आडवाणी की तबीयत से जुड़ी इस खबर ने राजनीतिक गलियारों में चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, उनके स्वास्थ्य की मौजूदा स्थिति को लेकर अस्पताल की ओर से आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
99वें जन्मदिन से पहले अस्पताल में भर्ती
लालकृष्ण आडवाणी आगामी 8 नवंबर को अपना 99वां जन्मदिन मनाने वाले हैं। भारतीय राजनीति में दशकों तक सक्रिय रहे आडवाणी फिलहाल दिल्ली के 30, पृथ्वीराज रोड स्थित अपने आवास पर रहते हैं। उम्र के इस पड़ाव पर उनकी सेहत पर स्वाभाविक रूप से समर्थकों और राजनीतिक जगत की नजर बनी हुई है।इससे पहले दिसंबर 2024 में भी उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था। उस समय उन्हें चिकित्सकीय मूल्यांकन और जरूरी जांच के लिए अस्पताल में रखा गया था। अब सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद दोबारा अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आवास पर पहुंचकर लिया था आशीर्वाद
आडवाणी के स्वास्थ्य की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे उनके आवास पर मुलाकात की थी। जनसेवा में 25 वर्ष पूरे करने के अवसर पर प्रधानमंत्री ने आडवाणी से आशीर्वाद लिया और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया था।प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा था कि आडवाणी जी की दशकों की जनसेवा और राष्ट्रीय जीवन में उनके योगदान ने अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने भारत की प्रगति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।यह मुलाकात भारतीय राजनीति की दो पीढ़ियों के बीच उस संबंध को भी रेखांकित करती है, जिसमें वरिष्ठ नेतृत्व का अनुभव और मार्गदर्शन आज भी महत्व रखता है।
दो सीटों से सत्ता के शिखर तक बीजेपी का सफर
लालकृष्ण आडवाणी का राजनीतिक सफर भारतीय जनता पार्टी के विस्तार और उसके राष्ट्रीय राजनीति में उभार की कहानी से गहराई से जुड़ा है। वर्ष 1980 में अटल बिहारी वाजपेयी के साथ बीजेपी की स्थापना के बाद उन्होंने संगठन को मजबूत करने और पार्टी का जनाधार बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।उनके नेतृत्व के दौर में बीजेपी ने लंबा राजनीतिक सफर तय किया। वर्ष 1984 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को महज दो सीटें मिली थीं, जबकि 1998 में वह 182 सीटों तक पहुंच गई। इस परिवर्तन के पीछे संगठनात्मक विस्तार, राजनीतिक लामबंदी और देशभर में पार्टी की बढ़ती स्वीकार्यता जैसे कई कारक थे।
आडवाणी इस दौर के प्रमुख राजनीतिक रणनीतिकारों में गिने जाते हैं।वह बीजेपी के सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहने वाले नेताओं में शामिल रहे। वर्ष 1989 से लोकसभा की राजनीति में सक्रिय रहे आडवाणी ने अपने संसदीय जीवन में सात बार लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने लंबे समय तक गुजरात की गांधीनगर सीट का प्रतिनिधित्व किया।
गृह मंत्री से उपप्रधानमंत्री तक की जिम्मेदारी
अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में आडवाणी ने देश के गृह मंत्री के रूप में 1998 से 2004 तक जिम्मेदारी निभाई। इसके बाद 2002 से 2004 तक वह भारत के उपप्रधानमंत्री रहे। केंद्र सरकार में उनकी भूमिका ने उन्हें बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के साथ-साथ राष्ट्रीय सत्ता के प्रमुख चेहरों में स्थापित किया।उनका राजनीतिक जीवन उपलब्धियों के साथ-साथ वैचारिक बहसों और विवादों से भी जुड़ा रहा।
राम मंदिर आंदोलन से लेकर बीजेपी के विस्तार तक, आडवाणी की राजनीति ने भारतीय सार्वजनिक विमर्श पर गहरा प्रभाव छोड़ा। उनके समर्थक उन्हें पार्टी के संगठनात्मक विस्तार का प्रमुख शिल्पकार मानते हैं, जबकि उनके राजनीतिक सफर के कुछ अध्याय आज भी देश में वैचारिक बहस का विषय बने हुए हैं।
वर्ष 2024 में केंद्र सरकार ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया। यह सम्मान सार्वजनिक जीवन में उनके लंबे योगदान की औपचारिक राष्ट्रीय स्वीकृति के रूप में देखा गया।
अब स्वास्थ्य अपडेट पर टिकी निगाहें
फिलहाल प्राथमिकता आडवाणी के स्वास्थ्य और उपचार को लेकर है। सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। अस्पताल की ओर से विस्तृत स्वास्थ्य जानकारी सामने आने पर उनकी स्थिति को लेकर अधिक स्पष्टता मिल सकेगी।
भारतीय राजनीति में एक लंबी और प्रभावशाली पारी खेलने वाले आडवाणी का सार्वजनिक जीवन कई ऐतिहासिक पड़ावों का साक्षी रहा है।
ऐसे में उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर के बीच समर्थक, शुभचिंतक और राजनीतिक जगत उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
NSK दिल्ली की नजर उनके स्वास्थ्य से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर बनी हुई है।
