सावन शिवरात्रि पर दिल्ली-NCR की रफ्तार पर ‘ब्रेक’! कांवड़ियों की भीड़ से कई रास्तों पर जाम का खतरा, घर से निकलने से पहले देख लें रूट

बी के झा

नई दिल्ली, 11 अगस्त

सावन शिवरात्रि के अवसर पर मंगलवार, 11 अगस्त को दिल्ली-NCR में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है। बड़ी संख्या में कांवड़ियों की आवाजाही और शिवालयों की ओर बढ़ते श्रद्धालुओं के कारण राजधानी दिल्ली समेत नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद की सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ने की आशंका है। कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर डायवर्जन, लेन प्रतिबंध और यातायात व्यवस्था में बदलाव के चलते लोगों को सामान्य से अधिक समय लग सकता है।यातायात पुलिस की ओर से लोगों को सलाह दी गई है कि वे मंगलवार को घर से निकलने से पहले अपने रूट की स्थिति की जानकारी जरूर लें। अनावश्यक यात्रा से बचने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील भी की गई है।

कांवड़ियों की भीड़ से इन इलाकों में बढ़ेगा दबाव

सावन शिवरात्रि पर दिल्ली से नोएडा, नोएडा से गाजियाबाद, गाजियाबाद से दिल्ली और दिल्ली से फरीदाबाद के बीच आने-जाने वाले प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना है। कांवड़ियों की बड़ी संख्या को देखते हुए कई स्थानों पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।इसका असर केवल मुख्य मार्गों तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। जिन सड़कों पर वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा, वहां भी अचानक ट्रैफिक का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में सामान्य दिनों में कम व्यस्त रहने वाले रास्तों पर भी वाहन रेंगते नजर आ सकते हैं।

कालिंदी कुंज पर विशेष सावधानी

दक्षिण दिल्ली को नोएडा से जोड़ने वाले कालिंदी कुंज मार्ग पर मंगलवार को विशेष सतर्कता की जरूरत है। कांवड़ियों की आवाजाही के साथ स्थानीय यातायात बढ़ने से सरिता विहार, जसोला, कालिंदी कुंज और नोएडा से जुड़े मार्गों पर जाम की स्थिति बन सकती है।इन इलाकों से होकर रोजाना कार्यालय, कारोबार या अन्य जरूरी काम से आने-जाने वाले लोगों को यात्रा का अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी गई है।

DND फ्लाईओवर पर भी बढ़ सकता है ट्रैफिक दबाव

दिल्ली और नोएडा के बीच सबसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों में शामिल DND फ्लाईओवर पर भी यातायात प्रभावित होने की आशंका है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में कार्यालय जाने वाले वाहनों के अलावा डायवर्ट किए गए ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से यहां वाहनों की रफ्तार कम हो सकती है।यातायात विशेषज्ञों के अनुसार, किसी एक प्रमुख मार्ग पर प्रतिबंध या डायवर्जन होने का असर आसपास की सड़कों पर भी पड़ता है। इसलिए DND के अलावा इससे जुड़े संपर्क मार्गों पर भी यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलना चाहिए।

आश्रम चौक से बदरपुर तक सतर्क रहें

कांवड़ यात्रा को देखते हुए आश्रम चौक, मथुरा रोड और बदरपुर मार्ग के कुछ हिस्सों में भी यातायात प्रभावित हो सकता है। इसका असर दक्षिण दिल्ली से फरीदाबाद और मध्य दिल्ली से दक्षिणी हिस्सों की ओर जाने वाले वाहनों पर पड़ सकता है।बदरपुर बॉर्डर दिल्ली और फरीदाबाद के बीच प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदुओं में शामिल है। शिवरात्रि के दिन कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने से बदरपुर बॉर्डर तथा मथुरा रोड से जुड़े मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने की संभावना है।

मुख्य सड़कें बचेंगे तो वैकल्पिक रास्ते भी होंगे व्यस्त

ट्रैफिक प्रतिबंध और डायवर्जन का एक असर यह भी होता है कि मुख्य मार्गों से हटाए गए वाहन वैकल्पिक सड़कों पर पहुंचते हैं। ऐसे में लोगों को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि वैकल्पिक रास्ते पूरी तरह खाली मिलेंगे।नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली सीमा को जोड़ने वाली सड़कों पर भी वाहनों की संख्या बढ़ सकती है। कई जगहों पर सामान्य दिनों की तुलना में यात्रा का समय अधिक लग सकता है।

घर से निकलने से पहले जरूर कर लें ये तैयारी

यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि 11 अगस्त को बेहद जरूरी होने पर ही संवेदनशील मार्गों से यात्रा करें। अगर यात्रा आवश्यक है तो निकलने से पहले रूट की स्थिति की जानकारी लें और संभव हो तो वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें।यात्रियों के लिए बेहतर होगा कि वे—अनावश्यक यात्रा को टालें।

पीक आवर में संवेदनशील मार्गों पर जाने से बचें

घर से सामान्य से कुछ अधिक समय पहले निकलें

डायवर्जन और लेन प्रतिबंध का पालन करें

सड़क पर कांवड़ियों की आवाजाही के दौरान धैर्य बनाए रखें

यातायात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें

किसी मार्ग पर अचानक भीड़ मिलने की स्थिति में वैकल्पिक रास्ता अपनाएं

श्रद्धा के बीच व्यवस्था की भी परीक्षा

सावन शिवरात्रि श्रद्धा और आस्था का बड़ा पर्व है, लेकिन राजधानी क्षेत्र में लाखों लोगों की आवाजाही के बीच यातायात व्यवस्था बनाए रखना भी बड़ी चुनौती है

कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही और आम लोगों की दैनिक यात्रा के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं।ऐसे में आम वाहन चालकों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। थोड़ी सी जल्दबाजी, गलत लेन में जाने या पुलिस के निर्देशों की अनदेखी से जाम की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

दिल्ली-NCR में आज मंत्र साफ है—जरूरी हो तभी निकलें, निकलें तो रूट देखकर निकलें और सफर में जल्दबाजी के बजाय सावधानी को प्राथमिकता दें।

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