kiren-rijiju-rahul-gandhi-jibe; तेज बहाव वाली नदी में उतरे किरेन रिजिजू, राहुल गांधी पर कसा तंज—‘मैं यहां का खिलाड़ी हूं’; अनुराग ठाकुर ने भी ली चुटकी

बी के झा

NSK news Ind

नई दिल्ली, 23 अगस्त

संसद में तीखे राजनीतिक वार-पलटवार के लिए पहचाने जाने वाले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच इस बार मुकाबला सियासी मुद्दों पर नहीं, बल्कि फिटनेस और रोमांच को लेकर दिखाई दिया। अरुणाचल प्रदेश की तेज बहती नदी में उतरकर रिजिजू ने अपना वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और इसी बहाने राहुल गांधी पर चुटीले अंदाज में निशाना साध दिया।रिजिजू के इस अंदाज ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कुछ लोग उनकी नदी में तैरने की तुलना राहुल गांधी से कर रहे हैं, लेकिन उनके लिए ऐसी गतिविधियां कोई नई बात नहीं हैं। उनका दावा था कि अरुणाचल के प्राकृतिक परिवेश में पले-बढ़े होने के कारण बचपन से ही वह इस तरह की गतिविधियों के अभ्यस्त रहे हैं।‘

मैं यहां का खिलाड़ी हूं’—रिजिजू का अंदाज चर्चा में

रविवार को रिजिजू ने ‘एक्स’ पर अरुणाचल प्रदेश की तेज बहाव वाली नदी में तैरते हुए अपना वीडियो साझा किया। उन्होंने लिखा कि कुछ लोग उनकी इस गतिविधि को राहुल गांधी से जोड़कर देख रहे हैं।रिजिजू ने चुटकी लेते हुए कहा कि राहुल गांधी को ऐसी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षण की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन उनके लिए यह बचपन से जीवन का हिस्सा रही है।

इसी आत्मविश्वासी अंदाज में उन्होंने कहा—‘मैं यहां का खिलाड़ी हूं।’रिजिजू का यह बयान महज फिटनेस प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा। इसके साथ उन्होंने अरुणाचल की नदियों में तैराकी को लेकर लोगों को गंभीर सावधानी बरतने की सलाह भी दी।

रोमांच के साथ सुरक्षा का संदेश भी

केंद्रीय मंत्री ने लोगों से अपील की कि जिन्हें तैरना नहीं आता, वे गहरे पानी में जाने का जोखिम बिल्कुल न लें। उन्होंने बताया कि अरुणाचल प्रदेश की नदियां कई स्थानों पर बेहद गहरी और तेज बहाव वाली हैं तथा यहां पानी में डूबने की घटनाएं भी हो चुकी हैं।रिजिजू ने एक अन्य वीडियो के माध्यम से शांत पानी या स्विमिंग पूल में तैराकी और तेज बहाव वाली नदी में तैरने के बीच अंतर भी समझाया।

उनका संदेश साफ था—नदी में तैराकी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अनुभव, तकनीक और जोखिम की समझ मांगती है।उन्होंने बताया कि तेज बहाव में तैरते समय शरीर को पानी के बहाव के अनुरूप नियंत्रित करना पड़ता है। सिर को पानी के ऊपर रखते हुए शरीर की स्थिति को संतुलित रखना महत्वपूर्ण होता है। यही वजह है कि नदी में तैरना सामान्य स्विमिंग पूल में तैरने से बिल्कुल अलग अनुभव है।

सियासत से फिटनेस तक पहुंची राहुल-रिजिजू की ‘केमिस्ट्री’

दिलचस्प बात यह है कि राहुल गांधी और किरेन रिजिजू के बीच फिटनेस को लेकर बातचीत कोई नई घटना नहीं है। दोनों नेता कई मौकों पर राजनीतिक मतभेदों के बावजूद फिटनेस जैसे विषयों पर हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत करते दिखाई दिए हैं।पिछले वर्ष दिसंबर में रिजिजू ने संसद परिसर में राहुल गांधी के साथ हुई बातचीत का एक वीडियो भी साझा किया था। उस दौरान दोनों के बीच फिटनेस, व्यायाम और मार्शल आर्ट्स जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी। रिजिजू ने तब राजनीति से इतर फिटनेस को लेकर संवाद को सकारात्मक पहल के रूप में पेश किया था।यही पुराना संदर्भ अब अरुणाचल की नदी तक पहुंच गया है।

रिजिजू के ताजा वीडियो ने राहुल गांधी की फिटनेस को लेकर पहले से चल रही चर्चाओं को फिर हवा दे दी है।

राहुल की फिटनेस भी रहती है सुर्खियों में

कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी लंबे समय से अपनी फिटनेस और शारीरिक गतिविधियों को लेकर सार्वजनिक चर्चा में रहते हैं। हालिया संवाद कार्यक्रमों में वह अपने फिटनेस रूटीन के बारे में भी बात कर चुके हैं।राहुल के मुताबिक, फिट रहने के लिए किसी एक विशेष व्यायाम से अधिक महत्वपूर्ण नियमितता और निरंतरता है। वह मार्शल आर्ट्स, तैराकी और दौड़ जैसी गतिविधियों को पसंद करने की बात कह चुके हैं। योग भी उनकी दिनचर्या का हिस्सा रहा है।

ऐसे में रिजिजू का तेज बहाव वाली नदी में उतरना और उसी संदर्भ में राहुल गांधी का नाम लेना महज एक सोशल मीडिया पोस्ट नहीं रहा। दोनों नेताओं की फिटनेस शैली को लेकर समर्थकों और राजनीतिक टिप्पणीकारों के बीच भी हल्की-फुल्की बहस शुरू हो गई।

अनुराग ठाकुर ने भी संभाला ‘सियासी बल्ला’

रिजिजू की चुनौती पर भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने भी अपने चिर-परिचित चुटीले अंदाज में राहुल गांधी पर तंज कस दिया। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि रिजिजू साहब के चैलेंज के बाद राहुल गांधी ने ‘व्हाइट टी-शर्ट छोड़कर पिंक शर्ट पहनना शुरू कर दिया है।’अनुराग ठाकुर की इस टिप्पणी ने पूरे घटनाक्रम को और राजनीतिक रंग दे दिया।

सोशल मीडिया पर समर्थकों के बीच रिजिजू और राहुल गांधी की फिटनेस को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।

फिटनेस का मैदान, लेकिन सियासी तीर निशाने पर

भारतीय राजनीति में नेताओं के बीच विचारधारात्मक टकराव कोई नई बात नहीं है। लेकिन राहुल गांधी और किरेन रिजिजू के बीच फिटनेस को लेकर चल रही यह नोकझोंक राजनीतिक बयानबाजी से कुछ अलग नजर आती है।एक तरफ राहुल गांधी अपने फिटनेस रूटीन, दौड़, तैराकी और मार्शल आर्ट्स को लेकर चर्चा में रहते हैं, तो दूसरी तरफ अरुणाचल की तेज धार वाली नदियों में रिजिजू का सहज अंदाज उनके व्यक्तिगत अनुभव और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि को सामने लाता है।

रिजिजू का संदेश दो स्तरों पर गया—पहला, राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी राहुल गांधी पर हल्का-फुल्का तंज और दूसरा, प्राकृतिक जलस्रोतों में तैराकी को लेकर सावधानी की चेतावनी।

सियासत में जहां शब्दों के वार अक्सर तल्खी पैदा करते हैं, वहीं ‘मैं यहां का खिलाड़ी हूं’ वाला रिजिजू का अंदाज इस बार राजनीतिक कटाक्ष को रोमांच और फिटनेस के मैदान में ले गया।

अब देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी इस ‘फिटनेस चैलेंज’ का जवाब राजनीतिक मंच से देते हैं या मैदान में उतरकर।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *