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चेहरे पर कालिख लगा देना…”—संजय सिंह का सियासी हुंकार, बयान से गरमाई राजनीति

बी के झा लखनऊ / नई दिल्ली, 28 अप्रैल सियासत में शब्द कभी-कभी तलवार से भी ज्यादा धारदार हो जाते हैं—और ऐसा ही एक बयान देकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद Sanjay Singh ने राजनीतिक तापमान को अचानक बढ़ा दिया है।पत्रकारों के सवालों के बीच उन्होंने साफ शब्दों में कहा—“जिस दिन मैं बीजेपी…

बंगाल का रण: केजरीवाल की एंट्री से बदलेगा समीकरण या बनेगा प्रतीकात्मक गठजोड़?

बी के झा नई दिल्ली, 23 अप्रैल पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों के बीच राजनीतिक तापमान अपने चरम पर है। इसी बीच एक अहम घटनाक्रम ने चुनावी परिदृश्य को नया मोड़ दे दिया है—अरविंद केजरीवाल का ममता बनर्जी के समर्थन में मैदान में उतरना। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल 26 और 27…

24 घंटे में बदली भाषा: ‘नरक’ से ‘महान’ तक—ट्रंप का यू-टर्न और वैश्विक राजनीति का आईना

बी के झा नई दिल्ली, 23 अप्रैल अंतरराष्ट्रीय राजनीति में शब्द केवल अभिव्यक्ति नहीं होते, वे कूटनीति का औज़ार भी होते हैं। यही कारण है कि जब डोनाल्ड ट्रंप जैसे प्रभावशाली नेता 24 घंटे के भीतर अपने ही बयान से पलट जाते हैं, तो यह केवल एक “यू-टर्न” नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति-संतुलन, दबाव और रणनीति…

बिहार में शराबबंदी पर सियासी संग्राम: अनंत सिंह की मांग बनाम सरकार का सख्त रुख

बी के झा पटना, 23‌ अप्रैल बिहार की राजनीति में एक बार फिर शराबबंदी कानून बहस के केंद्र में आ गया है। मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह द्वारा शराबबंदी खत्म करने की मांग ने सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर ही वैचारिक मतभेदों को उजागर कर दिया है। हालांकि, इस मुद्दे पर सरकार की ओर से…

गलवान से गूंजता संदेश: “न अकेले थे, न असहाय”—जनरल नरवणे का बयान और सियासी विमर्श का सच

बी के झा नई दिल्ली , 23 अप्रैल पूर्वी लद्दाख की बर्फीली ऊंचाइयों पर जून 2020 में जो कुछ हुआ, वह केवल एक सैन्य झड़प नहीं थी—वह भारत-चीन संबंधों, सैन्य रणनीति और राजनीतिक संवाद की कसौटी भी था। अब, उस संवेदनशील अध्याय पर देश के पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे का स्पष्ट और संतुलित…

कूटनीति की कसौटी पर बयानबाज़ी: ट्रंप की टिप्पणी, भारत का पलटवार और वॉशिंगटन में उठता विरोध

बी के झा नई दिल्ली, 23 अप्रैल वैश्विक कूटनीति में शब्दों की अपनी एक शक्ति होती है—वे रिश्ते बनाते भी हैं और बिगाड़ते भी। हाल के घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है, जब डोनाल्ड ट्रंप की भारत को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी ने न केवल नई दिल्ली में असंतोष पैदा…

बंगाल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी: “संवैधानिक तंत्र ठप” बहस और राष्ट्रपति शासन की आहट

बी के झा नई दिल्ली, 23 अप्रैल पश्चिम बंगाल की राजनीति और प्रशासनिक तंत्र को लेकर एक बार फिर संवैधानिक बहस तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी ने न केवल राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के टकराव को उजागर किया है, बल्कि एक गंभीर सवाल भी खड़ा कर दिया है—क्या हालात इतने…

“ज्ञान का स्वागत, पर ‘व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी’ नहीं”: सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और आस्था बनाम अधिकार की बहस

बी के झा नई दिल्ली, 23 अप्रैल न्याय और ज्ञान—दोनों का रिश्ता गहरा है, लेकिन उनकी विश्वसनीयता की कसौटी अलग-अलग होती है। इसी मूलभूत सिद्धांत को रेखांकित करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान तीखा लेकिन सारगर्भित तंज कसा—“ज्ञान का स्वागत है, लेकिन ‘व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी’ से नहीं।”यह टिप्पणी न केवल अदालत की…

जेडीयू में नई टीम, पर ‘निशांत फैक्टर’ पर सस्पेंस: विरासत, रणनीति और सियासी अटकलें

बी के झा पटना, 23 अप्रैल बिहार की राजनीति में एक बार फिर सत्ता से ज्यादा संगठन की बिसात चर्चा में है। जनता दल यूनाइटेड ने अपने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई सूची जारी कर दी है, जिसमें नीतीश कुमार को 2028 तक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए रखा गया है।नई टीम में संजय झा, चंद्रेश्वर…

लोकतंत्र का महापर्व: रिकॉर्ड वोटिंग, सियासी दावे और हिंसा की छाया—बंगाल-तमिलनाडु से उठे बड़े सवाल

बी के झा नई दिल्ली/कोलकाता/चेन्नई, 23 अप्रैल भारतीय लोकतंत्र ने एक बार फिर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। चुनाव आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल (पहला चरण) और तमिलनाडु में आजादी के बाद अब तक का सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया।मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसे “लोकतांत्रिक चेतना का अभूतपूर्व उदाहरण” बताते हुए…