बी के झा
NSK news Ind


बरेली, 6 सितंबर
उत्तर प्रदेश के बरेली में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एएनटीएफ और मीरगंज पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक कथित तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक उसके कब्जे से 1 किलो 300 ग्राम अवैध स्मैक (हेरोइन) बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ 60 लाख रुपये बताई गई है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान जब्बार खान, निवासी ग्राम मोहनपुर, थाना फरीदपुर क्षेत्र के रूप में हुई है। एएनटीएफ बरेली इकाई और मीरगंज पुलिस ने उसे मीरगंज थाना क्षेत्र में एक अस्पताल के सामने कथित तौर पर घेराबंदी कर पकड़ा।
देहरादून जाने से पहले पकड़ा गया
पुलिस के अनुसार, जब्बार खान बरामद नशीले पदार्थ की खेप लेकर देहरादून जाने की तैयारी में था। इसी दौरान एएनटीएफ को उसके बारे में सूचना मिली। टीम ने निगरानी बढ़ाई और मीरगंज क्षेत्र में उसे रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान कथित रूप से 1.300 किलोग्राम स्मैक बरामद हुई।आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन और 1,200 रुपये नकद भी मिले हैं।
पूछताछ में सामने आया कथित नेटवर्क एएनटीएफ की पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह अपने भाई के साथ मिलकर हेरोइन की अवैध सप्लाई करता था। पुलिस के मुताबिक दोनों सस्ते दाम पर नशीला पदार्थ खरीदते और उसे उत्तराखंड के देहरादून में अलग-अलग लोगों तक पहुंचाते थे।
जांच एजेंसियों के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 2.60 करोड़ रुपये की खेप आखिर कहां से आई और इसके पीछे कौन लोग हैं?
पुलिस आरोपी के भाई के साथ-साथ उसके संपर्क में रहने वाले अन्य संदिग्धों की भी जानकारी जुटा रही है।
20-25 यात्राओं से खुली नेटवर्क की परत?
पुलिस पूछताछ में जब्बार के देहरादून से लगातार संपर्क में रहने की बात सामने आई है। आरोपी के बारे में बताया गया है कि वह कई बार देहरादून जा चुका है। पुलिस का दावा है कि इसी महीने में उसने करीब 25 से 30 बार देहरादून जाकर अन्य तस्करों तक स्मैक पहुंचाई।यदि जांच में यह दावा पुष्ट होता है तो मामला केवल एक तस्कर की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बरेली से देहरादून तक सक्रिय एक संगठित सप्लाई नेटवर्क की परतें खुल सकती हैं।
अब सप्लायर और खरीदारों की तलाश
एएनटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि जब्बार कथित तौर पर हेरोइन किससे खरीदता था, इसकी सप्लाई में और कौन लोग शामिल थे तथा देहरादून में किन-किन लोगों तक नशीला पदार्थ पहुंचाया जाता था। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि इस नेटवर्क का दायरा बरेली और देहरादून के अलावा दूसरे जिलों तक तो नहीं फैला है।
पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन और उसके संपर्कों की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सकता है।
एसपी ने क्या कहा?
एसपी अंशिका वर्मा के अनुसार, 4 सितंबर 2026 को मीरगंज पुलिस और एएनटीएफ बरेली यूनिट ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जब्बार खान को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 1 किलो 300 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 2 करोड़ 60 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
अब जांच की असली दिशा उस व्यक्ति तक पहुंचने की है, जिसने यह खेप उपलब्ध कराई और उन लोगों तक, जिनके लिए कथित तौर पर इसे देहरादून पहुंचाया जाना था।
