अब हिंदी और मैथिली में भी होगी इंजीनियरिंग की पढ़ाई, MIT मुजफ्फरपुर बनेगा राष्ट्रीय मंथन का केंद्र

बी के झा

NSK news Ind

मुजफ्फरपुर (बिहार ), 21 अगस्त

बिहार में तकनीकी शिक्षा एक नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत अब इंजीनियरिंग का पाठ्यक्रम केवल अंग्रेज़ी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हिंदी और मैथिली में भी विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी पहल को आकार देने के लिए मुजफ्फरपुर स्थित MIT में 7 से 11 सितंबर तक देशभर के विशेषज्ञों की अहम बैठक होगी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग (CSTT) के सहायक निदेशक दीपक कुमार ने एमआईटी परिसर का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया और बताया कि त्रिभाषीय तकनीकी शब्दावली तैयार करने की दिशा में यह बैठक निर्णायक साबित होगी।

स्थानीय भाषा में तकनीकी शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान

इस पहल का उद्देश्य इंजीनियरिंग जैसे जटिल विषयों को मातृभाषा के माध्यम से अधिक सहज और प्रभावी बनाना है। अंग्रेज़ी, हिंदी और मैथिली में मानकीकृत तकनीकी शब्दावली विकसित होने से विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को अध्ययन, अध्यापन और अनुसंधान में बड़ी सुविधा मिलेगी।विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण और स्थानीय भाषा-भाषी छात्रों के मन में अंग्रेज़ी का भय कम होगा तथा प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी भाषा में तकनीकी ज्ञान हासिल करने का बेहतर अवसर मिलेगा।

MIT में जुटेंगे देशभर के विशेषज्ञ

7 से 11 सितंबर तक आयोजित एक्सपर्ट एडवाइजरी कमिटी की बैठक में तकनीकी शिक्षा, भाषाविज्ञान और वैज्ञानिक शब्दावली के विशेषज्ञ भाग लेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य तीनों भाषाओं के बीच तकनीकी शब्दों का समन्वय, मानकीकरण और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री तैयार करना है।

एमआईटी के प्राचार्य डॉ. मिथिलेश कुमार झा ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर का यह आयोजन बिहार के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल भारतीय भाषाओं में इंजीनियरिंग शिक्षा को नई दिशा देगी और भविष्य में अन्य तकनीकी संस्थानों के लिए भी मॉडल बनेगी।

कार्यक्रम समन्वयक नियुक्तबैठक के सफल संचालन के लिए संस्थान ने दीपक कुमार चौधरी को आधिकारिक कार्यक्रम समन्वयक नियुक्त किया है। संस्थान की ओर से सभी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक तैयारियां तेज़ कर दी गई हैं।

क्यों है यह पहल महत्वपूर्ण?

इंजीनियरिंग की पढ़ाई अंग्रेज़ी के साथ हिंदी और मैथिली में भी संभव होगी।

तकनीकी शब्दावली का राष्ट्रीय स्तर पर मानकीकरण किया जाएगा।

स्थानीय भाषा-भाषी छात्रों के लिए जटिल विषय समझना आसान होगा।

NEP 2020 के तहत भारतीय भाषाओं में उच्च शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी।यह पहल केवल भाषा परिवर्तन नहीं, बल्कि तकनीकी शिक्षा को अधिक समावेशी, सुलभ और भारतीय भाषाओं के अनुकूल बनाने की ऐतिहासिक शुरुआत मानी जा रही है।

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