बी के झा
NSK news Ind

मुंबई/नई दिल्ली, 3 अक्टूबर
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन अब मुंबई से निकलकर फिर दिल्ली की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शन के दौरान CJP के सह-संयोजक एवं प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस की पिछली कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन का संकेत दिया।रांका का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। इसे खुद रांका ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से साझा करते हुए कैप्शन में ‘Message to Delhi Police!’ लिखा।
वीडियो में उन्होंने कहा कि मुंबई में जो कुछ दिखाई दे रहा है, वह सिर्फ ‘ट्रेलर’ है और आगे का बड़ा प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर होगा।
‘जो उखाड़ना है, उखाड़ लो… फाइनल जंतर-मंतर पर
’मुंबई के प्रदर्शन में समर्थकों को संबोधित करते हुए रांका ने पहले मुंबई पुलिस का प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होने देने के लिए धन्यवाद दिया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली पुलिस को निशाने पर लिया।रांका ने कहा कि दिल्ली पुलिस को याद रखना चाहिए कि वह जनता की पुलिस है, किसी राजनीतिक दल की पुलिस नहीं। इसके बाद उन्होंने कहा—‘मुंबई में जो आप देख रहे हो, वो सिर्फ ट्रेलर है… जो उखाड़ना है, उखाड़ लो। फाइनल तो हम जंतर-मंतर पर ही खेलेंगे।
’रांका का यह बयान ऐसे समय आया है, जब CJP और दिल्ली पुलिस के बीच जंतर-मंतर पर हुए पिछले प्रदर्शनों को लेकर पहले से विवाद चल रहा है। जुलाई में हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस और CJP नेताओं के बयानों में तीखा आरोप-प्रत्यारोप सामने आया था।
अब 10 अक्टूबर को दिल्ली की तैयारी
मुंबई के प्रदर्शन के बाद CJP ने आंदोलन को अगले चरण में ले जाने की घोषणा कर दी है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। यानी शिवाजी पार्क का प्रदर्शन खत्म होते ही आंदोलन का अगला केंद्र फिर राष्ट्रीय राजधानी बनने जा रहा है।इससे यह साफ है कि CJP अपने आंदोलन को एक शहर तक सीमित रखने के बजाय दिल्ली को अगले बड़े राजनीतिक और सार्वजनिक प्रदर्शन के केंद्र के तौर पर देख रही है।
पहले भी जंतर-मंतर को लेकर टकराव
CJP और दिल्ली पुलिस के बीच टकराव कोई नया नहीं है। जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर पुलिस और संगठन के बीच कई मुद्दों पर विवाद सामने आया था। CJP नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे, जबकि पुलिस की ओर से प्रदर्शन से जुड़े लोगों और घटनाओं को लेकर अलग दावे सामने आए।
एक वायरल वीडियो में CJP के नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच प्रदर्शन की व्यवस्था को लेकर बातचीत भी सामने आई थी। इसमें अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका दिखाई दिए थे।सितंबर में रांका और सौरव दास पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन भी पहुंचे थे। वहां उन्होंने अपने एक समर्थक के पिता से जुड़े मामले में कार्रवाई की मांग की थी और पुलिस से शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग उठाई थी।
अभिजीत दिपके और सौरव दास के साथ फिर एक मंच पर
मुंबई के प्रदर्शन के दौरान आशुतोष रांका ने CJP संस्थापक अभिजीत दिपके और सौरव दास के साथ एक वीडियो भी साझा किया।वीडियो में रांका कहते नजर आते हैं कि तीनों एक बार फिर साथ हैं और ट्रक पर एक साथ पहुंचे हैं। इस दौरान रांका के हाथ में संविधान की पुस्तक भी दिखाई देती है।यह तस्वीर CJP के आंदोलन में तीनों प्रमुख चेहरों की सामूहिक मौजूदगी को भी रेखांकित करती है।
‘ज्ञानु तो गियो’ से लेकर जंतर-मंतर तक
रांका ने मुंबई प्रदर्शन से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए। इनमें भीड़ का एक वीडियो शामिल था, जिसके साथ उन्होंने ‘ज्ञानु तो गियो’ लिखा। CJP का मौजूदा आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के इर्द-गिर्द केंद्रित है। संगठन चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े कई आरोप और मांगें उठा रहा है। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित संस्थानों और प्रशासन की ओर से अलग-अलग पक्ष भी सामने आए हैं।
मुंबई के बाद अब दिल्ली की बारी
2 अक्टूबर का शिवाजी पार्क प्रदर्शन CJP के लिए मुंबई में बड़ा सार्वजनिक जमावड़ा रहा। अब संगठन ने अपना अगला निशाना दिल्ली के जंतर-मंतर को बनाया है।
रांका का ‘मुंबई सिर्फ ट्रेलर है’ वाला बयान इसी रणनीति का संकेत माना जा रहा है।
लेकिन 10 अक्टूबर का प्रस्तावित प्रदर्शन कितना बड़ा होगा, पुलिस की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था कैसी रहेगी और CJP के आंदोलन का अगला स्वरूप क्या होगा—इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आएंगे।
फिलहाल इतना तय है कि शिवाजी पार्क से उठी राजनीतिक आवाज अब एक बार फिर जंतर-मंतर की ओर बढ़ रही है।
बी. के. झाएन एस के
