बी के झा – एन एस के
NSK news India

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई ‘बाप’ वाली टिप्पणी पर सियासी संग्राम तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस बयान के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपने अभियान को धार देते हुए एक गीत जारी किया है।
गीत के बोल हैं— ‘मोदी कहीं नहीं जाएगा।’
भाजपा ने इसके जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जनता का समर्थन हासिल है और उनका राजनीतिक भविष्य किसी नेता की टिप्पणी से तय नहीं होने वाला।खरगे के बयान के जवाब में भाजपा का यह गीत अब पार्टी के सोशल मीडिया अभियान का हिस्सा बन गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के नेताओं ने वीडियो साझा कर इस संदेश को आगे बढ़ाया है। प्रधानमंत्री मोदी की अलग-अलग तस्वीरों के साथ तैयार किए गए इस गीत के जरिए भाजपा ने कांग्रेस पर राजनीतिक पलटवार करने की रणनीति अपनाई है।
खरगे के बयान पर भाजपा का जवाब, गीत बना सियासी हथियार
राजनीति में शब्दों की अपनी अहमियत होती है। नेताओं के बयान जहां समर्थकों में जोश भरते हैं, वहीं विरोधियों को हमला करने का मौका भी देते हैं। खरगे की ‘बाप’ वाली टिप्पणी के बाद भाजपा ने भी इसी राजनीतिक मौके को अपने पक्ष में इस्तेमाल करने की कोशिश की है।भाजपा की ओर से जारी गीत में प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता से कहीं नहीं जाने का संदेश दिया गया है।
पार्टी का जोर इस बात पर है कि प्रधानमंत्री की राजनीतिक ताकत का आधार जनता का समर्थन है। इस तरह भाजपा ने एक विवादित बयान को अपने राजनीतिक प्रचार का मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस पर जवाबी हमला बोला है।हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम का राजनीतिक असर क्या होगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल दोनों प्रमुख दलों के बीच बयानबाजी और सोशल मीडिया के जरिए संदेश देने की राजनीति एक बार फिर चर्चा में है।
बड़े नेताओं ने संभाला मोर्चा, सोशल मीडिया पर साझा किया वीडियो
भाजपा के इस अभियान को पार्टी के कई प्रमुख चेहरों का समर्थन मिला है। भाजपा नेता संबित पात्रा और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गीत का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी इसे अपने सोशल मीडिया मंचों पर साझा किया।इन नेताओं की भागीदारी से स्पष्ट है कि भाजपा इस मुद्दे को केवल एक बयान के जवाब तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसके जरिए व्यापक राजनीतिक संदेश देने का प्रयास कर रही है।
सोशल मीडिया के मौजूदा दौर में राजनीतिक दल अब केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस और रैलियों के भरोसे नहीं रहते। गीत, वीडियो, छोटे संदेश और तस्वीरें भी राजनीतिक विमर्श का अहम हिस्सा बन चुके हैं। भाजपा का यह अभियान भी इसी रणनीति के तहत देखा जा सकता है।
बयान से शुरू हुई सियासी जंग, अब प्रचार की बारी
खरगे की टिप्पणी और उसके बाद भाजपा के जवाब ने एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव को सामने ला दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष के बयान को भाजपा ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ टिप्पणी के रूप में उठाया है, जबकि गीत के जरिए पार्टी ने अपने समर्थकों तक एक सकारात्मक राजनीतिक संदेश पहुंचाने की कोशिश की है।
इस पूरे घटनाक्रम में एक बात साफ दिखाई देती है— आज की राजनीति में किसी बयान का महत्व केवल उसके बोले जाने तक सीमित नहीं रहता। सोशल मीडिया पर उसका जवाब, वीडियो और गीत भी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बन जाते हैं।अब देखना होगा कि भाजपा का यह अभियान सोशल मीडिया पर कितना प्रभाव छोड़ता है और कांग्रेस इस राजनीतिक पलटवार का क्या जवाब देती है।
फिलहाल ‘मोदी कहीं नहीं जाएगा’ गीत के जरिए भाजपा ने खरगे के बयान को एक नए राजनीतिक विवाद का केंद्र बना दिया है।
एन एस के की संपादकीय टिप्पणी:
राजनीतिक बयानबाजी में शब्दों की मर्यादा और जवाब की धार, दोनों महत्वपूर्ण हैं। लोकतंत्र में अंततः किसी नेता की लोकप्रियता और राजनीतिक भविष्य का फैसला जनता करती है।
भाजपा ने गीत के जरिए इसी जनसमर्थन को अपना मुख्य संदेश बनाया है, जबकि इस विवाद ने कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
