बी के झा
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नई दिल्ली, 11 सितंबर
राजधानी दिल्ली अगले तीन दिनों तक कूटनीतिक हलचल के साथ-साथ ट्रैफिक की बड़ी चुनौती से भी गुजरने वाली है। BRICS Leaders Summit 2026 के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। भारत मंडपम, प्रगति मैदान में होने वाले इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और VIP काफिलों की आवाजाही को देखते हुए 11 से 13 सितंबर तक दोपहर 2 बजे से रात 8:30 बजे तक कई इलाकों में यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेंगे।
यानी इन तीन दिनों में दिल्ली में निकलना सिर्फ सफर नहीं, बल्कि रूट की सही रणनीति बनाने का मामला होगा। खासकर उन लोगों को सावधान रहना होगा जिनका रोज का रास्ता
मध्य दिल्ली,
लुटियंस दिल्ली,
इंडिया गेट,
प्रगति मैदान,
धौला कुआं और दक्षिण दिल्ली से होकर गुजरता है।
22 जगहों पर ट्रैफिक का रास्ता बदलेगा
VIP मूवमेंट को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने 22 प्रमुख डायवर्जन पॉइंट चिन्हित किए हैं।
इनमें डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक,
राम चरण अग्रवाल चौक,
मीर दर्द चौक,
KG मार्ग आउटर सर्कल,
जनपथ-कनॉट प्लेस,
पटेल चौक और RML हॉस्पिटल राउंडअबाउट शामिल हैं। इसके अलावा
धौला कुआं फ्लाईओवर,
मोती बाग फ्लाईओवर,
मदरसा T-पॉइंट,
लोधी रोड के विभिन्न जंक्शन,
नीला गुम्बद,
ओबेरॉय फ्लाईओवर के नीचे,
DPS मथुरा रोड U-turn,
रिंग रोड-बारापुला रोड और मंडी हाउस पर भी जरूरत के मुताबिक ट्रैफिक डायवर्ट किया जा सकता है।
इन प्रमुख सड़कों से बचने की सलाह
ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों को कई प्रमुख मार्गों पर अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।
इनमें मथुरा रोड,
सुब्रमण्यम भारती मार्ग,
तीस जनवरी मार्ग,
फिरोज शाह रोड,
तुगलक रोड,
पंचशील मार्ग,
मदर टेरेसा क्रिसेंट,
अफ्रीका एवेन्यू और भीकाजी कामा प्लेस प्रमुख हैं।
इसके साथ ही पुराना किला रोड,
न्याय मार्ग,
ब्रिगेडियर होशियार सिंह मार्ग,
शांति पथ,
शेरशाह सूरी मार्ग,
सैन मार्टिन मार्ग,
तिलक मार्ग,
डॉ. जाकिर हुसैन मार्ग,
राजेश पायलट मार्ग,
अकबर रोड,
सरदार पटेल मार्ग,
APJ अब्दुल कलाम रोड,
कौटिल्य मार्ग,
भगवान दास रोड,
कर्तव्य पथ और सफदरजंग रोड पर भी यातायात प्रभावित होने की संभावना है।
रेलवे स्टेशन जाने वालों की भी बढ़ेगी परेशानी
इन तीन दिनों में रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलना बेहतर होगा।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने
ISBT कश्मीरी गेट,
बुलेवार्ड रोड,
रानी झांसी मार्ग,
पंचकुइयां रोड और आउटर सर्कल वाले मार्गों का विकल्प सुझाया है।
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के लिए
ISBT से रिंग रोड,
हनुमान मंदिर और एसपी मुखर्जी मार्ग का इस्तेमाल किया जा सकता है।nवहीं हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन जाने वालों के लिए रिंग रोड,
आश्रम चौक और मथुरा रोड वाला रास्ता सुझाया गया है।
एयरपोर्ट जाना है तो सड़क के बजाय मेट्रो पर भरोसा बेहतर
ट्रैफिक पुलिस ने एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए मेट्रो को प्राथमिकता देने की सलाह दी है। इसका कारण साफ है—VIP काफिले के दौरान सड़क यातायात को कुछ समय के लिए रोका या मोड़ा जा सकता है, जबकि एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए समय सबसे महत्वपूर्ण है।सड़क मार्ग से जाने वालों के लिए भी वैकल्पिक रास्ते निर्धारित किए गए हैं। गुड़गांव से NH-48 और UER-II के रास्ते T3 पहुंचा जा सकता है। द्वारका से सेक्टर-22 और UER-II टनल के जरिए एयरपोर्ट जाने का विकल्प रहेगा।
दक्षिण दिल्ली से एयरपोर्ट जाने वालों के लिए
रिंग रोड,
मोती बाग,
RTR मार्ग और महिपालपुर होते हुए T3 पहुंचने का रास्ता इस्तेमाल किया जा सकता है।
सड़क किनारे पार्किंग पर भी सख्ती
BRICS Summit के दौरान केवल चलते वाहनों पर ही नहीं, सड़क किनारे खड़े वाहनों पर भी ट्रैफिक पुलिस की नजर रहेगी। डायवर्जन वाले क्षेत्रों में 200 मीटर के दायरे में सड़क किनारे पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।पुलिस ने गैर-निर्धारित कमर्शियल वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर भी रोक लगाने की बात कही है। बस सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी, लेकिन VIP काफिलों की आवाजाही के दौरान बसों को भी कुछ समय के लिए वैकल्पिक मार्ग पर भेजा जा सकता है।
दिल्ली वालों के लिए सीधी सलाह
BRICS Summit तीन दिनों का अंतरराष्ट्रीय आयोजन है, लेकिन इसका असर दिल्ली की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधे दिखाई देगा।
ऑफिस जाने वाले कर्मचारी,
स्कूली छात्र,
कारोबारी,
रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जाने वाले यात्री—सभी के लिए रूट और समय की पहले से प्लानिंग करना जरूरी होगा।खासकर दोपहर 2 बजे से रात 8:30 बजे के बीच निकलने वाले लोगों को अपने नियमित रास्ते के बजाय वैकल्पिक मार्ग तलाश लेना चाहिए।
ट्रैफिक पुलिस की ओर से भी यात्रियों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से प्रभावित सड़कों पर न जाएं और यात्रा के लिए पर्याप्त अतिरिक्त समय रखें।
BRICS की मेज पर दुनिया के बड़े देशों के नेता बैठेंगे, लेकिन दिल्ली की सड़कों पर असली परीक्षा ट्रैफिक मैनेजमेंट की होगी।
अब देखना यह है कि राजधानी अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की आवाजाही और करोड़ों की रोजमर्रा की जरूरतों के बीच कितना संतुलन कायम रख पाती है।
