बी के झा
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नई दिल्ली , 21 अगस्त
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी का प्रस्तावित अमेरिका दौरा रद्द होने के बाद केंद्र और राज्य सरकार के बीच नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि यात्रा को “राजनीतिक मंजूरी” इसलिए नहीं दी गई क्योंकि प्रस्तुत कार्यक्रम मुख्यमंत्री के पद और यात्रा के घोषित उद्देश्य के अनुरूप नहीं था।
आखिर क्या हुआ?
रेवंत रेड्डी इन दिनों ‘तेलंगाना राइजिंग’ निवेश अभियान के तहत ब्रिटेन दौरे पर हैं। योजना के अनुसार उन्हें लंदन से सीधे अमेरिका जाकर निवेशकों, उद्योग जगत और प्रवासी भारतीय समुदाय से मुलाकात करनी थी। लेकिन विदेश मंत्रालय से अनुमति नहीं मिलने के कारण अब उनका अमेरिकी कार्यक्रम रद्द हो गया और वे 23 अगस्त को हैदराबाद लौटेंगे।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि किसी भी मुख्यमंत्री या गणमान्य व्यक्ति की विदेश यात्रा से पहले मंत्रालय कार्यक्रम, उद्देश्य और पद की गरिमा का परीक्षण करता है। इस मामले में प्रस्तावित अमेरिकी कार्यक्रम आवश्यक मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, इसलिए राजनीतिक मंजूरी नहीं दी गई। हालांकि ब्रिटेन यात्रा को स्वीकृति दी गई थी।
तेलंगाना सरकार का आरोप
मुख्यमंत्री कार्यालय ने दावा किया कि यह निर्णय राजनीतिक कारणों से लिया गया है। सरकार का कहना है कि ‘तेलंगाना राइजिंग’ अभियान का उद्देश्य विदेशी निवेश आकर्षित करना था और अमेरिका दौरे में कई महत्वपूर्ण संस्थाओं के साथ बैठकें प्रस्तावित थीं।
राजनीतिक विश्लेषण
विश्लेषकों के अनुसार विवाद का मूल प्रश्न यह है कि क्या विदेशी निवेश यात्राएं केवल आर्थिक कार्यक्रम हैं या उनमें कूटनीतिक आयाम भी शामिल होते हैं। भारत में मुख्यमंत्रियों की विदेश यात्राओं के लिए राजनीतिक मंजूरी केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है, जिससे संघीय राजनीति अक्सर चर्चा का विषय बन जाती है।
संभावित राजनीतिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस इसे संघीय ढांचे और राज्यों के अधिकारों का मुद्दा बता सकती है, जबकि केंद्र सरकार का पक्ष है कि विदेश यात्राओं में राष्ट्रीय कूटनीतिक प्रोटोकॉल सर्वोपरि होता है और सभी राज्यों पर समान नियम लागू होते हैं।
निष्कर्ष
रेवंत रेड्डी का अमेरिका दौरा रद्द होना केवल एक यात्रा का स्थगन नहीं, बल्कि संघीय राजनीति, निवेश कूटनीति और विदेश नीति के प्रोटोकॉल के बीच संतुलन की बहस बन गया है।
अब निगाह इस पर रहेगी कि क्या संशोधित कार्यक्रम के साथ भविष्य में इस यात्रा को नई मंजूरी मिलती है।
