उपचुनाव में BJP का दबदबा, बंगाल से असम तक भगवा बढ़त; तमिलनाडु में विजय की TVK का शक्ति प्रदर्शन, पुडुचेरी में NDA की जीत,मदुरांतकम और धारापुरम में TVK ने बढ़ाई विपक्षी खेमे की बेचैनी

बी. के. झा

NSK news Ind

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर

देश के चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में हुए उपचुनावों की मतगणना ने शुक्रवार को सियासी हलचल तेज कर दी। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों से लेकर असम की नगांव लोकसभा सीट तक भारतीय जनता पार्टी (BJP) बढ़त बनाती दिखाई दी, जबकि तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने मदुरांतकम और धारापुरम में अपनी मौजूदगी का दमदार संकेत दिया। वहीं, पुडुचेरी की थट्टानचावडी सीट पर एनआर कांग्रेस के अशोक आनंद की जीत ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के खेमे में उत्साह बढ़ाया।

6 अक्टूबर को हुए मतदान के बाद 9 अक्टूबर को शुरू हुई मतगणना पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ देशभर के राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें टिकी हैं। इन छह सीटों के नतीजे केवल उम्मीदवारों की जीत-हार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि क्षेत्रीय दलों की ताकत, राष्ट्रीय पार्टियों के जनाधार और बदलते राजनीतिक समीकरणों की भी परीक्षा हैं।

नंदीग्राम में भाजपा की बड़ी बढ़त, रेजीनगर में भी मुकाबले पर भगवा रंग

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट पर भाजपा उम्मीदवार हसीरानी रथ ने उपलब्ध मतगणना रुझानों में बड़ी बढ़त बनाई। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, उन्हें 43,655 वोट मिले और वह कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान से 31,943 वोट आगे रहीं। मिलन प्रधान को 11,712 वोट मिले।नंदीग्राम का राजनीतिक महत्व इसलिए भी खास है, क्योंकि यह बंगाल की राजनीति में लंबे समय से प्रतीकात्मक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीट रही है।

यहां भाजपा की मजबूत बढ़त पार्टी के लिए मनोबल बढ़ाने वाला संकेत है।रेजीनगर में भी भाजपा उम्मीदवार शंकर सरकार बढ़त बनाए हुए थे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उन्हें 28,366 वोट मिले, जबकि आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के गुलाम नबी आजाद को 8,109 वोट प्राप्त हुए।

कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुल्लाहिल काफी 1,705 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर थे।हालांकि, रेजीनगर में कांग्रेस उम्मीदवार की ओर से कथित ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाए जाने से चुनावी प्रक्रिया को लेकर विवाद भी सामने आया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इन्हें स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। अंतिम तस्वीर के लिए निर्वाचन आयोग के आधिकारिक परिणाम महत्वपूर्ण होंगे।

असम की नगांव सीट पर देवाशीष शर्मा की मजबूत पकड़

असम की नगांव लोकसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार देवाशीष शर्मा ने उपलब्ध आंकड़ों में बड़ी बढ़त बनाई। दिए गए मतगणना अपडेट के मुताबिक, उन्हें 1,51,709 वोट मिले, जबकि AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल 96,673 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर थे। कांग्रेस उम्मीदवार शिवमणि बोरा को 26,000 वोट मिले।नगांव में भाजपा की यह बढ़त असम के राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यहां मुकाबला भाजपा, AIUDF और कांग्रेस के बीच था। यदि यह बढ़त अंतिम परिणाम में भी कायम रहती है, तो भाजपा को राज्य में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने का अवसर मिलेगा। हालांकि, अंतिम नतीजे और जीत का अंतर आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

तमिलनाडु में विजय की TVK ने दिखाई ताकत

तमिलनाडु की मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर TVK के प्रदर्शन ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया। उपलब्ध रुझानों के मुताबिक, मदुरांतकम में TVK उम्मीदवार मरुगदम कुमारवेल लगभग 10,300 वोटों से आगे चल रही थीं।धारापुरम में भी TVK उम्मीदवार सत्यभामा ने शुरुआती दौर में बढ़त हासिल की। दिए गए अपडेट के अनुसार, छठे राउंड में वह 1,394 वोटों से आगे थीं, जबकि दसवें राउंड के बाद उनकी बढ़त लगभग 4,000 वोट बताई गई।

तमिलनाडु में विजय की राजनीतिक यात्रा पर देशभर की नजरें हैं

ऐसे में इन दोनों सीटों पर TVK की बढ़त पार्टी के लिए उत्साहजनक संकेत है। लेकिन शुरुआती रुझान को अंतिम जनादेश मानना जल्दबाजी होगी। मतगणना पूरी होने के बाद ही यह तय होगा कि TVK अपनी बढ़त को जीत में बदल पाती है या नहीं।

पुडुचेरी में अशोक आनंद की जीत, NDA को राहत

पुडुचेरी की थट्टानचावडी विधानसभा सीट पर एनआर कांग्रेस के उम्मीदवार अशोक आनंद ने जीत दर्ज की। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उन्हें 13,358 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार विनायगम को 4,876 वोट प्राप्त हुए।यह सीट मुख्यमंत्री और एनआर कांग्रेस के संस्थापक एन. रंगासामी के इस्तीफे के कारण खाली हुई थी। रंगासामी ने पिछले विधानसभा चुनाव में थट्टानचावडी और मंगलम, दोनों सीटों से जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने मंगलम सीट अपने पास रखते हुए थट्टानचावडी से इस्तीफा दे दिया था।अशोक आनंद की जीत एनआर कांग्रेस और उसके सहयोगियों के लिए महत्वपूर्ण है। यह परिणाम पुडुचेरी में सत्तारूढ़ गठबंधन की स्थिति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

छह सीटों के नतीजों से क्या निकलेगा राजनीतिक संदेश?

चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश की इन छह सीटों पर उपचुनाव का दायरा भले सीमित हो, लेकिन इनके राजनीतिक संदेश व्यापक हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा की बढ़त, असम में नगांव सीट पर मजबूत प्रदर्शन और तमिलनाडु में TVK की चुनौती अलग-अलग राज्यों में अलग राजनीतिक कहानियां बयां करती हैं।

भाजपा के लिए इन रुझानों का महत्व अपने जनाधार को मजबूत करने के संकेत के रूप में देखा जा सकता है। वहीं, तमिलनाडु में TVK का प्रदर्शन यह परखने का अवसर है कि विजय की लोकप्रियता चुनावी समर्थन में कितनी तब्दील हो रही है।

पुडुचेरी में एनआर कांग्रेस की जीत गठबंधन की स्थिति को बल देती है।हालांकि, उपचुनाव के नतीजों से पूरे देश या किसी राज्य के राजनीतिक भविष्य का अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। उम्मीदवारों की स्थानीय पकड़, मतदान का पैटर्न, क्षेत्रीय मुद्दे और विपक्षी दलों के बीच मुकाबले की स्थिति भी परिणामों को प्रभावित करती है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि शुरुआती बढ़त कितनी सीटों पर अंतिम जीत में बदलेगी और क्या ये परिणाम संबंधित दलों की आगामी राजनीतिक रणनीति को नई दिशा देंगे?

इसका स्पष्ट जवाब अंतिम चुनाव परिणाम सामने आने के बाद ही मिलेगा।

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