बी के झा
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यमुनानगर, (हरियाणा), 2 सितंबर
हरियाणा-हिमाचल प्रदेश सीमा पर हथनीकुंड बैराज क्षेत्र में बुधवार को सेना के बाढ़ बचाव अभ्यास के दौरान बड़ा हादसा हो गया। यमुना नदी में अभ्यास कर रही सेना की मोटरबोट तेज बहाव की चपेट में आकर पलट गई और देखते ही देखते नदी में समा गई। हादसे के बाद एक से दो जवानों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि, प्रभावित जवानों की सही संख्या और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।हादसे की सूचना मिलते ही सेना के साथ हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस तथा एसडीआरएफ की टीमें सक्रिय हो गईं।
नदी में युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। तेज बहाव और नदी की परिस्थितियों को देखते हुए राहत एवं बचाव दलों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
डेंजर जोन में पहुंची मोटरबोट और बिगड़ा संतुलन
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हथनीकुंड बैराज क्षेत्र में सेना की वन पैरा स्पेशल फोर्स के जवान बाढ़ बचाव से जुड़ी एक्सरसाइज कर रहे थे। इसी दौरान सेना की मोटरबोट नदी के उस हिस्से की ओर चली गई, जिसे डेंजर जोन बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इस हिस्से में यमुना का बहाव काफी तेज था। तेज धारा के बीच मोटरबोट का संतुलन बिगड़ा और वह पलट गई। नाव के पलटते ही उसमें सवार जवान नदी में जा गिरे।
अचानक हुए हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।तीन जवानों ने दिखाई हिम्मत, करीब 600 मीटर तैरकर निकले हादसे के बाद कुछ जवानों ने अपनी जान बचाने के लिए तेज बहाव के बीच तैरकर किनारे तक पहुंचने की कोशिश की।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक तीन जवान करीब 600 मीटर तक तैरने के बाद सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे।वहीं, एक जवान के तेज धारा में बह जाने की सूचना सामने आई है।
कुछ प्रारंभिक सूचनाओं में एक से दो जवानों के लापता होने की आशंका जताई गई है। ऐसे में बचाव दल नदी के संभावित बहाव क्षेत्र में लगातार तलाश कर रहे हैं।
डूबी मोटरबोट बरामद, जवान की तलाश जारी
हादसे के बाद सेना और पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। एसडीआरएफ यमुनानगर की टीम को भी रेस्क्यू अभियान में लगाया गया। काफी प्रयास के बाद सेना की डूबी हुई मोटरबोट को नदी से बाहर निकाल लिया गया है।
हालांकि, जिस जवान के लापता होने की आशंका है, उसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। नदी के तेज बहाव को देखते हुए एसडीआरएफ और अन्य बचाव दल संभावित बहाव क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रहे हैं।
सुरक्षा कारणों से पुलिस ने ज्यादा जानकारी देने से किया इनकार
हादसे को लेकर प्रतापनगर पुलिस से भी जानकारी लेने का प्रयास किया गया। पुलिस की ओर से इसे देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला बताते हुए विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया गया है। यही वजह है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मोटरबोट में हादसे के वक्त कुल कितने जवान सवार थे और वास्तव में कितने जवान प्रभावित हुए।
अधिकारियों की ओर से घटना की विस्तृत जांच और लापता जवान की तलाश के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है।
तेज बहाव के बीच चुनौतीपूर्ण है रेस्क्यू ऑपरेशन
हथनीकुंड बैराज क्षेत्र में यमुना का बहाव हादसे के बाद बचाव दलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। नदी में पानी की गति तेज होने के कारण लापता जवान की तलाश बेहद सावधानी से की जा रही है।
एसडीआरएफ और अन्य रेस्क्यू टीमें नदी के अलग-अलग हिस्सों में संभावित स्थानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं।
फिलहाल सेना और बचाव एजेंसियों का पूरा ध्यान लापता जवान को तलाशने पर केंद्रित है।
हादसा किस परिस्थितियों में हुआ, मोटरबोट डेंजर जोन में कैसे पहुंची और उस समय उसमें कितने जवान मौजूद थे—इन सवालों के जवाब आधिकारिक जांच के बाद ही सामने आएंगे।
