आठ बुलडोज़र, दो पोकलैन और प्रशासनिक सख्ती का संगम: बरेली में 72 घंटे का सबसे बड़ा ध्वस्तीकरण अभियान, तौकीर रजा के करीबी आरिफ का तीन मंजिला अवैध शोरूम जमींदोज, धूल का गुबार आधे किलोमीटर तक फैला, हाईटेंशन पोल गिरने से बाल-बाल बचे जवान; भीड़ दो दिन तक तमाशबीन बनी रही

बी के झा

NSK news India

बरेली,( उत्तर प्रदेश ) 24 नवंबर

पीलीभीत बाईपास पर बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने रविवार शाम उस समय सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया, जब आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के करीबी मोहम्मद आरिफ का तीन मंजिला अवैध शोरूम भारी मशीनरी की लगातार प्रहारों के बाद मलबे के ढेर में बदल गया। शनिवार से शुरू हुई कार्रवाई ने रविवार को निर्णायक रूप लिया और ठीक शाम 5:30 बजे इमारत अंतिम वार झेलने के बाद धूल बनकर ढह गई।ध्वस्तीकरण का ऐसा दृश्य बना कि आसपास के आधे किलोमीटर क्षेत्र में धूल का विशाल गुबार उठ खड़ा हुआ। हवा में फैली धूल ने सड़क, पटरी, दुकानें और सैकड़ों लोगों को एक झटके में अपनी चादर में लपेट लिया। पुलिसकर्मी और बीडीए कर्मचारी भी पीछे हटने को मजबूर हो गए।

पहले दिन सिर्फ 20% ढहा, दूसरे दिन प्रशासन का कड़ा चेहरा—तीन मंजिला ढांचा ध्वस्तशनिवार को पाँच बुलडोज़र और एक पोकलैन के बावजूद बीडीए शाम तक केवल 20 प्रतिशत हिस्सा ही गिरा पाया था।रविवार को प्रशासन पूर्ण तैयारी के साथ लौटा—8 बुलडोज़र2 पोकलैन मशीनेंभारी पुलिस बलपीएसीकई थानों की फोर्समजिस्ट्रेटबीडीए वीसी स्वयं निगरानी में 11:51 बजे शुरू हुआ दूसरा चरण पहले की तुलना में अत्यंत आक्रामक था। तेज प्रहारों की आवाज़ से बाईपास क्षेत्र कई बार थर्रा उठा। अंततः तीन मंजिला कांक्रीट संरचना शाम के अंतिम वार के साथ जमीन चूम गई।धराशायी इमारत के साथ खत्म हुआ एक सपना, धूल ने पूरा इलाका ढका जब आखिरी दीवार टूटी, तो लोगों की आंखों के सामने एक चमकदार, करोड़ों रुपये की इमारत पलभर में मलबे में तब्दील हो गई।

शोरूम संचालक और कर्मचारियों के वर्षों के सपने उसी धूल में गुम हो गए।धूल का गुबार इतना घना था कि—दृश्यता लगभग खत्म हो गईलोग 400–500 मीटर दूर तक हटने लगे हवा में अंधकार जैसा माहौल बन गया कंट्रोल करने के लिए बीडीए ने तुरंत पानी का टैंकर बुलाकर छिड़काव शुरू करवाया।

हाईटेंशन लाइन गिरी — जवान बाल-बाल बचे, बड़ा हादसा टला रविवार दोपहर बड़ा हादसा तब टल गया जब बुलडोजर का पंजा अचानक हाईटेंशन लाइन के एक खंभे से टकरा गया।

टक्कर होते ही—खंभा गिर गया तार झूलने लगे मौके पर अफरा-तफरी मच गई पुलिसकर्मी और पीएसी जवान भागकर पीछे हटे हालांकि पूर्व में बिजली सप्लाई कट कर दी गई थी, जिससे बड़ी त्रासदी से बचाव हो गया। सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद कार्रवाई दोबारा शुरू की गई।दूसरे दिन भी हजारों की भीड़; पुलिस की अपील बेअसर ध्वस्तीकरण दर्शनीय तमाशा बन गया था।

दोनों दिन—हजारों लोग सड़क के दोनों ओर जमा मोबाइल कैमरे हवा में उठे बुलडोजर की हर चोट रिकॉर्ड होती रही पुलिस की बार-बार की चेतावनियाँ अनसुनी रहीं लोगों की उत्सुकता इस कदर थी कि भारी सुरक्षा और बैरिकेडिंग के बावजूद भीड़ पीछे हटने को तैयार नहीं हुई।शनिवार को दो मंजिला मार्केट पहले ही ढह चुका था इससे एक दिन पहले बीडीए ने—जगतपुर पानी की टंकी के पास स्थित दो मंजिला मार्केट 16 दुकानों का पूरा परिसर जमींदोज कर दिया था।इसके बाद ही टीम पीलीभीत बाईपास स्थित इस बड़े शोरूम पर पहुँची थी लेकिन अंधेरा होने के कारण काम रोकना पड़ा।

पूरे शहर में चर्चा—बीडीए का अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन यह ध्वस्तीकरण सिर्फ एक कार्रवाई नहीं बल्कि पूरे शहर का विषय बन गया—राजनीतिक हलकों में चर्चा प्रशासन की सख्ती का संदेश भीड़ में उत्सुकता और रोमांच बड़ी मशीनरी की गरजती आवाजें सभी ने मिलकर इस कार्रवाई को बरेली का सबसे बड़ा ध्वस्तीकरण अभियान बना दिया।

निष्कर्ष

दो दिनों तक चले इस अभियान ने एक बार फिर दिखा दिया कि प्रशासन जब एक्शन मोड में होता है, तो कोई भी अवैध निर्माण कितना भी विशाल क्यों न हो, उसके लिए अंत तय है।ध्वस्तीकरण के मलबे में सिर्फ ईंटें और लोहा नहीं, बल्कि अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन के इरादों का संदेश भी बिखरा पड़ा था।

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