बी के झा
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श्रीनगर, 23 अगस्त
जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर स्थित सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए दो कैदियों के फरार होने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। दोनों कैदी जेल की दीवार फांदकर फरार हुए हैं। घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दोनों की तस्वीरों के साथ लुकआउट नोटिस जारी किया है और उनकी तलाश में व्यापक अभियान शुरू कर दिया गया है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि संदिग्ध रूप से दोनों में से किसी को कहीं देखा जाए तो स्वयं पकड़ने का प्रयास न करें और तत्काल पुलिस को सूचना दें।
राजस्थान और अनंतनाग से जुड़े हैं दोनों फरार कैदी
पुलिस के मुताबिक फरार कैदियों की पहचान फरमान खान और मुख्तार अहमद गुर्जर के रूप में हुई है। फरमान खान के पिता का नाम अब्दुल गनी खान बताया गया है। वह राजस्थान के सदनपोरा का निवासी है। उसके खिलाफ FIR संख्या 19/2026 दर्ज है। मामले में BNS की धारा 137(2), 87 और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। फरमान खान को 23 जून 2026 को जेल में लाया गया था।
दूसरा फरार कैदी मुख्तार अहमद गुर्जर, पिता मोहम्मद रफीक, अनंतनाग के संगलन चित्तरगुल का रहने वाला है। उसके खिलाफ FIR संख्या 20/2026 दर्ज है और BNS की धारा 137(2) तथा 65(1) के तहत मामला दर्ज है।
जेल की ऊंची दीवार बनी सुरक्षा की सबसे बड़ी परीक्षा
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सेंट्रल जेल जैसे हाई-सिक्योरिटी परिसर से दोनों कैदी सुरक्षा घेरा तोड़कर बाहर निकलने में कैसे कामयाब हुए?
जेल की दीवार फांदकर भागने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और जेल प्रशासन की मुस्तैदी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।घटना के बाद जेल प्रशासन ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फरार होने की घटना में सुरक्षा व्यवस्था की कोई चूक थी या कैदियों ने किसी सुनियोजित तरीके से सुरक्षा घेरे को भेदा।
संभावित ठिकानों पर छापेमारी, रास्तों पर बढ़ी निगरानी
दोनों कैदियों के फरार होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। संभावित ठिकानों, संपर्क सूत्रों और आने-जाने वाले रास्तों पर निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां दोनों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।घटना की गंभीरता को देखते हुए पूरे कश्मीर क्षेत्र में सुरक्षा तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि फरार होने के बाद दोनों कैदी किस दिशा में गए और क्या उन्हें किसी बाहरी व्यक्ति से मदद मिली।
112 पर दें सूचना, खुद पकड़ने की कोशिश न करें
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लोगों से स्पष्ट अपील की है कि यदि फरमान खान या मुख्तार अहमद गुर्जर दिखाई दें तो उनसे सीधे भिड़ने या उन्हें पकड़ने की कोशिश न करें। उनकी मौजूदगी की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने को दें। 112 नंबर पर कॉल करके भी पुलिस को जानकारी दी जा सकती है।
पुलिस ने दोनों फरार कैदियों की तस्वीरें भी सार्वजनिक की हैं, ताकि आम लोग उनकी पहचान करने में सुरक्षा एजेंसियों की मदद कर सकें।
डिजिटल डिवाइस के बाद अब कैदियों के फरार होने से उठे सवाल
श्रीनगर सेंट्रल जेल को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं इससे पहले भी सामने आती रही हैं। जेल परिसर में डिजिटल डिवाइस पहुंचने की घटना के बाद पुलिस ने छापेमारी कर कार्रवाई की थी। अब दो कैदियों के दीवार फांदकर फरार होने की घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस और तेज कर दी है।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता दोनों फरार कैदियों को जल्द से जल्द पकड़ना है। साथ ही जांच के जरिए यह सामने लाना भी जरूरी होगा कि हाई-सिक्योरिटी जेल से फरारी के इस मामले में सुरक्षा का कौन-सा स्तर चूका और क्या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश या बाहरी मदद थी।
