बी के झा
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कोलकाता, 23 अगस्त
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी एक बार फिर सड़क पर दिखाई दी। दक्षिण-पूर्वी कोलकाता के आनंदपुर इलाके में रविवार सुबह मटन-मछली की दावत के आयोजन को लेकर भाजपा के दो गुट आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और लात-घूसे चलने लगे।
झड़प में एक भाजपा कार्यकर्ता के घायल होने की सूचना है। घायल कार्यकर्ता के सिर में चोट आई है।घटना के बाद मामला केवल मैदान तक सीमित नहीं रहा। दोनों गुट एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत लेकर पुलिस थाने पहुंच गए और वहां भी प्रदर्शन किया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है।
दावत के आयोजन ने खोली गुटबाजी की परत
पुलिस के अनुसार, विवाद आनंदपुर खेल मैदान में आयोजित की जा रही एक दावत को लेकर शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि पार्टी से जुड़े कुछ लोगों की ओर से मटन और मछली की दावत का आयोजन किया गया था। इसी आयोजन को लेकर भाजपा के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के एक दूसरे गुट के बीच मतभेद पैदा हो गया।विवाद बढ़ते-बढ़ते हाथापाई तक पहुंच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के लोगों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट हुई। इस दौरान एक भाजपा कार्यकर्ता घायल हो गया। उसके सिर में चोट लगने की बात पुलिस ने भी कही है।घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को थाने ले जाया गया।
भाजपा नेता का आरोप- बिना अनुमति आयोजित हुई दावत
स्थानीय भाजपा नेता अरुण बिस्वाल ने दावत के आयोजन पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि कार्यक्रम के लिए पार्टी नेतृत्व से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। उन्होंने दावा किया कि दावत के नाम पर स्थानीय मछली और मटन कारोबारियों से कथित तौर पर जबरन पैसे भी वसूले गए।
बिस्वाल ने इस पूरे आयोजन की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि दावत के पीछे ऐसे लोग हैं, जो 4 मई के बाद भाजपा में शामिल हुए हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।उनके आरोपों से यह संकेत मिलता है कि विवाद महज एक दावत के आयोजन का नहीं, बल्कि पार्टी के स्थानीय संगठन में मौजूद पुराने और नए कार्यकर्ताओं के बीच खींचतान से भी जुड़ा हो सकता है।
दूसरे गुट का पलटवार- दावत में हमला कराया गया
दूसरे गुट ने अरुण बिस्वाल के आरोपों को खारिज करते हुए उल्टा उन पर ही हमला कराने का आरोप लगाया है। इस गुट का दावा है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से दावत का आयोजन कर रहे थे, तभी वहां हमला किया गया।दूसरे पक्ष ने आरोप लगाया कि झड़प की अगुवाई अरुण बिस्वाल ने की।
दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगाए जाने के बाद विवाद और गहरा गया।यानी जिस आयोजन की शुरुआत खाने-पीने की दावत के रूप में हुई थी, वह देखते ही देखते भाजपा की स्थानीय राजनीति में शक्ति प्रदर्शन और आरोप-प्रत्यारोप का अखाड़ा बन गया।
थाने में भी दोनों गुटों का प्रदर्शन
झड़प के बाद दोनों गुट पुलिस थाने पहुंच गए। वहां दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी शिकायतें पुलिस के सामने रखीं और प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों से घटनाक्रम की जानकारी ली।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, रविवार सुबह आनंदपुर खेल मैदान में दोनों गुटों के बीच झड़प हुई थी। इसके बाद दोनों पक्ष थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगाए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि घायल भाजपा कार्यकर्ता के सिर में चोट लगी है। घटना के वास्तविक कारण, मारपीट में शामिल लोगों और लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
दावत से निकला संगठनात्मक सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने भाजपा के स्थानीय संगठन के भीतर चल रही कथित गुटबाजी को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक दलों में कार्यक्रमों के आयोजन, स्थानीय नेतृत्व की भूमिका और पुराने-नए कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय को लेकर मतभेद सामने आते रहे हैं।
आनंदपुर की घटना ने इसी आंतरिक खींचतान को सार्वजनिक कर दिया है।खास बात यह है कि विवाद किसी बड़े राजनीतिक कार्यक्रम या चुनावी सभा को लेकर नहीं, बल्कि एक दावत के आयोजन को लेकर शुरू हुआ।
लेकिन इसके पीछे लगाए जा रहे आरोपों में पार्टी की अनुमति, चंदा वसूली और नए कार्यकर्ताओं की भूमिका जैसे राजनीतिक मुद्दे शामिल हो गए हैं।
सवाल सिर्फ मटन-मछली की दावत का नहीं
आनंदपुर की घटना को अगर सिर्फ ‘मटन-मछली की दावत पर मारपीट’ के रूप में देखा जाए तो तस्वीर अधूरी रह जाएगी। असल सवाल यह है कि आखिर एक स्थानीय सामाजिक आयोजन पार्टी के भीतर शक्ति प्रदर्शन का कारण क्यों बन गया?
क्या संगठन में पुराने और नए कार्यकर्ताओं के बीच कोई तनाव है?
क्या स्थानीय नेतृत्व के अधिकार और कार्यक्रमों की अनुमति को लेकर मतभेद गहराए हुए हैं?
और क्या दावत के नाम पर कथित धन संग्रह के आरोपों की कोई वास्तविकता है?
इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और दोनों पक्षों के बयानों के बाद ही सामने आएंगे।
फिलहाल इतना साफ है कि कोलकाता के आनंदपुर में मटन-मछली की दावत ने भाजपा की स्थानीय राजनीति में ऐसा ‘तड़का’ लगाया कि मामला थाने तक पहुंच गया। एक घायल कार्यकर्ता, दो आमने-सामने गुट और एक-दूसरे पर गंभीर आरोप—
इस पूरे घटनाक्रम ने पार्टी के स्थानीय संगठन के भीतर की खींचतान को जरूर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
