बी के झा
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शेखपुरा, 14 सितंबर
बिहार के शेखपुरा जिले में इलाज के नाम पर नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म और उसका वीडियो बनाकर कथित तौर पर महीनों तक ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। चेवाड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव में सामने आए इस मामले में पुलिस ने आरोपी ग्रामीण चिकित्सक विनोद कुमार सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब मामले की जांच का दायरा आरोपी की पत्नी तक भी पहुंच गया है। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि आरोपी की पत्नी को अपने पति की करतूतों की जानकारी थी और वह कथित तौर पर इस अपराध में उसका सहयोग करती थी।
माहवारी की समस्या लेकर पहुंची थी पीड़िता
पुलिस के अनुसार, करीब छह महीने पहले नाबालिग लड़की माहवारी से जुड़ी समस्या के इलाज के लिए आरोपी के पास गई थी। आरोप है कि इलाज के दौरान सलाइन चढ़ाते समय उसे बेहोशी की दवा दी गई और इसी दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया।इसके बाद कथित अश्लील वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर आरोपी ने पीड़िता को चुप रहने के लिए मजबूर किया और लंबे समय तक उसका यौन शोषण करता रहा।
घर पहुंचकर जबरन नथनी पहनाने लगा
आरोपी मामले का खुलासा उस समय हुआ जब आरोपी कथित तौर पर दो दिन पहले पीड़िता के घर पहुंच गया। आरोप है कि वह वहां नाबालिग को जबरन नथनी (बेसर) पहनाने लगा। पीड़िता के शोर मचाने पर उसकी मां मौके पर पहुंची। आरोप के मुताबिक, आरोपी ने मां को भी कथित वीडियो दिखाकर चुप रहने की धमकी दी।इसके बाद माता-पिता के बीच बातचीत हुई और धीरे-धीरे पूरे मामले की जानकारी सामने आई। परिवार ने पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
आरोपी की पत्नी की भूमिका भी जांच के घेरे में
पीड़िता ने अपने बयान में आरोपी की पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि पत्नी को कथित घटनाओं की जानकारी थी और वह अपने पति का साथ देती थी।महिला थानाध्यक्ष रिशु कुमारी ने बताया कि आरोपी की पत्नी की भूमिका की जांच की जा रही है। यदि जांच में उसकी संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई, आरोपी जेल भेजा गया
पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट और यौन अपराध से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पीड़िता की मेडिकल जांच भी कराई गई है।
इलाज के भरोसे के पीछे छिपी दरिंदगी ने उठाए गंभीर सवाल
यह घटना केवल एक नाबालिग के साथ कथित यौन अपराध का मामला नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में बिना पर्याप्त चिकित्सकीय योग्यता के इलाज करने वाले लोगों और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े करती है।
जिस व्यक्ति के पास पीड़िता स्वास्थ्य संबंधी समस्या लेकर पहुंची थी, उसी पर इलाज की आड़ में भरोसे का कथित तौर पर दुरुपयोग करने का आरोप है।
फिलहाल पुलिस की जांच यह तय करेगी कि घटना में आरोपी की पत्नी की भूमिका क्या थी और पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
जांच पूरी होने के बाद ही मामले की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।
