पत्नी से मिलाने के बहाने घर बुलाया, फिर ऊपरी मंजिल पर ले जाकर दुष्कर्म का आरोप; छपरा में मुखिया पुत्र पर FIR, आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

बी के झा

NSK news Ind

छपरा, 22 अक्टूबर

बिहार के छपरा में रिश्तों और भरोसे को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है। आरोप है कि एक मुखिया के बेटे ने महिला को मेला दिखाने के बहाने अपने घर बुलाया और फिर अपनी पत्नी से मिलाने की बात कहकर उसे मकान की ऊपरी मंजिल पर ले गया। महिला का आरोप है कि वहां आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया।

घटना के बाद किसी तरह नीचे पहुंची पीड़िता ने अपने पति को पूरी आपबीती बताई। मामले में बुधवार को प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

मेला दिखाने का बहाना, पत्नी से मिलाने का झांसा और फिर दुष्कर्म का आरोप

मामला छपरा के रिविलगंज थाना क्षेत्र में शहर से सटी एक पंचायत का बताया जा रहा है। प्राथमिकी के अनुसार, आरोपी मुखिया पुत्र ने महिला को मेला देखने के बहाने अपने घर बुलाया था। महिला को संभवतः इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि जिस बुलावे पर वह उसके घर पहुंची है, वहीं उसके साथ कथित तौर पर ऐसी वारदात हो जाएगी।पीड़िता के मुताबिक, घर पहुंचने के बाद आरोपी उसे यह कहकर मकान की ऊपरी मंजिल पर ले गया कि उसकी पत्नी उससे मिलना चाहती है।

लेकिन ऊपर पहुंचने पर आरोपी ने कथित तौर पर महिला के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता किसी तरह वहां से निकलकर नीचे आई और अपने घर पहुंचने के बाद पति को पूरी घटना की जानकारी दी।

पीड़िता की शिकायत पर प्राथमिकी, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी

महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामला सामने आने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है और प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।फिलहाल, आरोपी की गिरफ्तारी और मामले में जांच के निष्कर्षों का इंतजार है। पुलिस की जांच के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

भरोसे की आड़ में अपराध के आरोप ने खड़े किए सवाल

इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक विश्वास से जुड़े सवालों को सामने ला दिया है। जिस व्यक्ति पर महिला को घर बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है, वह स्थानीय मुखिया का बेटा बताया जा रहा है।

हालांकि, किसी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के परिजन से जुड़ा आरोप अपने आप में दोष सिद्ध नहीं करता। मामले में कानून के तहत निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई जरूरी है।

एनएसके की नजर:

छपरा के इस मामले में अब सबकी निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।

पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच, आरोपी की गिरफ्तारी और अदालत में तथ्यों के आधार पर सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।

बी. के. झा – एनएसके

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