अवमानना की नियति: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भारी पड़ रहा प्रशासन! अदालत का खौफ खत्म या जवाबदेही से बचने की बढ़ती प्रवृत्ति?
बी के झा विशेष विश्लेषण एनएसके दिल्ली नई दिल्ली, 14 अक्टूबर लोकतंत्र की असली ताकत केवल संसद की बहसों, सरकारों के फैसलों या सड़कों पर गूंजते नारों में नहीं होती। उसकी बुनियाद उस संविधान में होती है, जिसके सामने सरकार, प्रशासन, राजनीतिक दल और आम नागरिक—सभी जवाबदेह हैं। इस संवैधानिक व्यवस्था में सर्वोच्च न्यायालय की…
CJI विवाद के बीच राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, मोदी पर ‘चोरों का सरदार’ टिप्पणी वाले मानहानि केस में ट्रायल पर रोक ; चार सप्ताह में जवाब तलब। क्या यह फैसला राजनीतिक बयानबाजी और मानहानि कानून की बहस को नया मोड़ देगा?
बी के झा एन एस के विशेष नई दिल्ली, 13 अक्टूबर देश की राजनीति में न्यायपालिका, चुनावी निष्पक्षता और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर जारी बहस के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से महत्वपूर्ण अंतरिम राहत मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘चोरों का सरदार’ और ‘कमांडर इन थीफ’ जैसी टिप्पणियों से…
कर्नाटक में आरक्षण की सियासत को हाईकोर्ट का बड़ा झटका, SC-ST कोटे में बढ़ोतरी वाला कानून असंवैधानिक करार; 56% आरक्षण पर उठे संवैधानिक सवाल; डिप्टी सीएम जी. परमेश्वर ने फैसले को गंभीर बताते हुए भाजपा और केंद्र सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल
बी. के. झा . NSK DELHI – बड़ी खबर: विशेष राजनीतिक-न्यायिक विश्लेषण नई दिल्ली/बेंगलुरु, 13 अक्टूबर आरक्षण केवल सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में सीटों के बंटवारे का सवाल नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, ऐतिहासिक वंचना और संविधान में निहित समान अवसरों की अवधारणा से भी जुड़ा है। लेकिन जब आरक्षण की सीमा और…
