पाकिस्तान से आज़ादी ही एकमात्र रास्ता: बलूच नेता अल्लाह नज़र का बड़ा ऐलान, भारत से समर्थन की अपील

बी के झा

NSK news Ind

इस्लामाबाद/नई दिल्ली , 23 अगस्त

बलूचिस्तान में लंबे समय से चल रहे अलगाववादी आंदोलन के बीच बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) के प्रमुख डॉ. अल्लाह नज़र बलूच ने पाकिस्तान के खिलाफ अब तक का सबसे मुखर बयान दिया है।

उन्होंने कहा कि स्वायत्तता या सीमित राजनीतिक रियायतें नहीं, बल्कि पाकिस्तान से पूर्ण स्वतंत्रता ही बलूचिस्तान समस्या का स्थायी समाधान है।एक साक्षात्कार में अल्लाह नज़र ने भारत से राजनीतिक, कूटनीतिक और नैतिक समर्थन की अपील करते हुए संकेत दिया कि बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों में निवेश करने वाली विदेशी कंपनियां भविष्य में हमलों का निशाना बन सकती हैं।

भारत से कैसी मदद चाहते हैं?

पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि बलूच विद्रोही समूहों को भारत का समर्थन प्राप्त है, जबकि भारत ने हमेशा इन आरोपों से इनकार किया है। इस प्रश्न पर अल्लाह नज़र ने कहा कि पाकिस्तान का प्रचार निराधार है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि भारत लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर बलूचों की आवाज़ अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाएगा।

“भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और क्षेत्रीय शक्ति है। बलूच स्वतंत्रता आंदोलन को राजनीतिक, कूटनीतिक और नैतिक समर्थन देना उसका नैतिक दायित्व है।”

विदेशी निवेश पर बढ़ सकता है खतरा

अल्लाह नज़र ने दावा किया कि आंदोलन की नई पीढ़ी नई रणनीतियों के साथ आगे बढ़ रही है। उनके अनुसार, बलूचिस्तान के खनिज और ऊर्जा क्षेत्रों में कार्यरत बहुराष्ट्रीय कंपनियां संघर्ष के दायरे में आ सकती हैं। हालांकि उन्होंने इसे रणनीतिक चेतावनी बताया, लेकिन इससे क्षेत्र में विदेशी निवेश की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो सकती हैं।

पाकिस्तान पर युद्ध अपराधों के आरोप

BLF प्रमुख ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना ने सुराब, कोहलू और डेरा बुगती समेत कई इलाकों में हवाई बमबारी कर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को निशाना बनाया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की कि कथित युद्ध अपराधों की स्वतंत्र जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।साथ ही उन्होंने दावा किया कि BLF अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का सम्मान करता है और आम नागरिकों को निशाना बनाने की नीति नहीं अपनाता।

अमेरिका के प्रतिबंध पर भी उठाए सवाल

अमेरिका द्वारा बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसकी मजीद ब्रिगेड को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने पर अल्लाह नज़र ने कहा कि वैश्विक शक्तियां अपने भू-राजनीतिक हितों के अनुसार फैसले लेती हैं। उनका दावा है कि भविष्य में वॉशिंगटन इस निर्णय पर पुनर्विचार कर सकता है।

पृष्ठभूमि

बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, जो गैस, तांबा, सोना और अन्य खनिज संसाधनों से समृद्ध माना जाता है। दशकों से यहां अलगाववादी संगठनों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष जारी है।

पाकिस्तान इन संगठनों को आतंकवादी मानता है, जबकि कई बलूच नेता इसे आत्मनिर्णय और राष्ट्रीय मुक्ति का आंदोलन बताते हैं।

नोट: यह रिपोर्ट डॉ. अल्लाह नज़र के सार्वजनिक बयानों और उनके दावों पर आधारित है। पाकिस्तान सरकार इन आरोपों से असहमत रही है, और भारत ने भी बलूच उग्रवादी समूहों को समर्थन देने के आरोपों का लगातार खंडन किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *