कांग्रेस को लगा मोदी पर बोलूंगा, मैंने राहुल को किम जोंग उन का भारतीय रूप कह दिया’ — शहजाद पूनावाला का नया हमला

बी के झा

NSK news Ind

नई दिल्ली, 21 अगस्त

भारतीय राजनीति में दल बदलने के बाद अक्सर नेताओं के निशाने बदल जाते हैं, लेकिन शहजाद पूनावाला इसका अपवाद बनकर उभरे हैं। भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद भी उन्होंने न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की और न ही बीजेपी की विचारधारा से दूरी बनाई। इसके उलट उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर पहले से अधिक तीखे हमले शुरू कर दिए हैं।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए अपने ताजा पोस्ट में पूनावाला ने राहुल गांधी को “उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन का इटालो-इंडियन वर्जन” बताते हुए कांग्रेस पर तीखा व्यंग्य किया।

“सब उल्टा हो गया” वाले पोस्ट से छेड़ी नई बहस

शहजाद पूनावाला ने लिखा कि कांग्रेस को उम्मीद थी कि बीजेपी छोड़ने के बाद वह नरेंद्र मोदी पर हमला करेंगे, लेकिन हुआ ठीक इसका उलटा।> “सब उल्टा हो गया। कांग्रेस ने सोचा था कि बीजेपी छोड़ने के बाद मैं नरेंद्र मोदी पर अटैक करूंगा। इसके बजाय मैंने उनके सर्वोच्च नेता को पप्पू और किम जोंग उन का इटालो-इंडियन वर्जन कहा।”उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई।

कांग्रेस इकोसिस्टम पर लगाए गंभीर आरोप

पूनावाला ने अपने पोस्ट में दावा किया कि कांग्रेस से जुड़े कुछ लोग दक्षिणपंथी पत्रकारों और सोशल मीडिया हैंडल्स को उनके खिलाफ अभियान चलाने के लिए पैसे दे रहे हैं।उनका आरोप है कि विडंबना यह है कि वही मीडिया प्लेटफॉर्म दर्शकों और ट्रैक्शन के लिए रोजाना उनके बयान और वीडियो प्रमुखता से प्रकाशित कर रहे हैं। उन्होंने इसे ही “सब उल्टा हो गया” बताते हुए कांग्रेस की रणनीति पर कटाक्ष किया।

बीजेपी छोड़ी, लेकिन मोदी का समर्थन बरकरार

हाल ही में शहजाद पूनावाला ने बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था। उनके इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलों को जन्म दिया। कुछ लोगों ने उनके कांग्रेस में लौटने की संभावना भी जताई, लेकिन पूनावाला ने ऐसी सभी अटकलों को खारिज कर दिया।उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजनीति छोड़ने का कारण आर्थिक मजबूरियां, परिवार की जिम्मेदारियां और अपनी मां की सेवा है। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी की वैचारिक सोच के प्रति उनका समर्थन पहले की तरह कायम रहेगा।

2017 से राष्ट्रीय राजनीति में बने पहचान

शहजाद पूनावाला पहली बार 2017 में सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में कथित धांधली का आरोप लगाया था। इसके बाद वे बीजेपी में शामिल हुए और टीवी डिबेट, सोशल मीडिया तथा राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में गिने जाने लगे।

अब पार्टी छोड़ने के बावजूद उनके राजनीतिक तेवर नहीं बदले हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि संगठन से बाहर रहकर भी उनके निशाने पर कांग्रेस और राहुल गांधी पहले की तरह बने हुए हैं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *