बी के झा
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नई दिल्ली, 19 अगस्त
भाजपा के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद शहजाद पूनावाला एक बार फिर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखे हमले के कारण चर्चा में हैं। बुधवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी एक पुरानी टीवी डिबेट का वीडियो साझा करते हुए ऐसा बयान दिया, जिसने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी।
पूनावाला ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा, “मैं राजीव गांधी का हमेशा आभारी रहूंगा, क्योंकि उन्होंने हमें राहुल गांधी दिए। राहुल गांधी ने यह सुनिश्चित किया कि नरेंद्र मोदी 2014, 2019 और 2024 में प्रधानमंत्री बनें और उम्मीद है कि 2029 में भी वही होगा।”
उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा, “इस हिसाब से राजीव गांधी भी मेरी तरह मोदी जी के सबसे बड़े समर्थक हैं।” यह टिप्पणी पूरी तरह राजनीतिक व्यंग्य के रूप में की गई, जिसे लेकर कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।
इस्तीफे के बाद भी मोदी के समर्थन का ऐलान
17 अगस्त को भाजपा से इस्तीफा देने के बावजूद पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार जताया। उन्होंने लिखा कि भाजपा ने उन्हें बिना किसी राजनीतिक विरासत के राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दी।अपने संदेश में उन्होंने कहा कि एक पसमांदा मुस्लिम युवा होने के बावजूद पार्टी ने उन्हें सम्मान, अवसर और राष्ट्रीय प्रवक्ता जैसी जिम्मेदारी दी।
उन्होंने मोदी, अमित शाह, नितिन नवीन, बी.एल. संतोष, जे.पी. नड्डा, राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी समेत वरिष्ठ नेताओं का विशेष रूप से धन्यवाद किया।
नितिन नवीन को लिखे पत्र में क्या लिखा?
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन को भेजे अपने विस्तृत इस्तीफे में पूनावाला ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पहले भी 30 जुलाई 2026 को आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों का हवाला देते हुए पद छोड़ने की इच्छा जताई थी, लेकिन पार्टी ने तत्काल इस्तीफा स्वीकार नहीं किया था।
उन्होंने लिखा कि लंबे विचार-विमर्श और हालिया घटनाक्रम के बाद उन्होंने अंतिम निर्णय लिया है कि वे राष्ट्रीय प्रवक्ता पद और भाजपा की सक्रिय सदस्यता से पूरी तरह मुक्त होना चाहते हैं।
सियासी मायने
शहजाद पूनावाला का यह बयान ऐसे समय आया है जब उनके भाजपा छोड़ने के फैसले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं पहले से तेज हैं।
इस्तीफे के बावजूद उनका मोदी के प्रति खुला समर्थन और राहुल गांधी पर लगातार हमलावर रुख यह संकेत देता है कि वे वैचारिक लड़ाई जारी रखने के मूड में हैं।
उनके ताजा बयान ने कांग्रेस-भाजपा के बीच जुबानी जंग को एक बार फिर गर्मा दिया है।
