बी के झा
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वॉशिंगटन/तेहरान, 2 सितंबर
ईरान और अमेरिका के बीच छह महीने से जारी सैन्य टकराव अब उस मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है, जहां दोनों देशों के बीच एक और बड़ा संघर्ष भड़कने का खतरा मंडरा रहा है। अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरानी ठिकानों पर हमला किया है। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी और बेहद कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका पर जवाबी हमला करने की कोशिश न करे, वरना उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि अमेरिकी सेना इस समय होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों पर ‘बड़े और जोरदार’ हमले कर रही है। उनके मुताबिक, यह कार्रवाई ईरान की उन गतिविधियों के जवाब में की गई है, जिनमें कथित तौर पर जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश की गई थी। ट्रंप ने कहा कि इन सुरंगों को या तो हटा दिया गया है या नष्ट कर दिया गया है।
‘जवाबी कार्रवाई की तो सबसे बड़ा हमला अभी बाकी
’ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तेहरान अमेरिकी हमले का जवाब देने की कोशिश करता है तो अमेरिका और भी जोरदार हमला करेगा। उन्होंने यहां तक कहा कि अभी तक किया गया हमला सबसे बड़ा नहीं है।ट्रंप के मुताबिक, ‘सबसे बड़ा हमला अभी बाकी है।’ उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने जवाबी कार्रवाई की तो आने वाले हमले के बाद इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का बहुत कम हिस्सा ही बच पाएगा।ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य पहले से ही वैश्विक तनाव का केंद्र बना हुआ है।
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में शामिल इस क्षेत्र में किसी भी बड़े सैन्य टकराव का असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहने की आशंका है।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड का पलटवार
अमेरिकी धमकी के जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने भी तेवर तल्ख कर दिए हैं। गार्ड के प्रवक्ता होसैन मोहेबी ने सोशल मीडिया पर कहा कि हमलावरों को कड़ी सजा मिलेगी और अमेरिका को अपने नए हमलों पर पछताना पड़ेगा।ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास और उसके पूर्व में कई जगह धमाकों की आवाजें सुनी गईं। बंदर अब्बास के पूर्व और केशम द्वीप के आसपास भी धमाकों की सूचना दी गई।
हालांकि, दक्षिणी होरमोजगान प्रांत में फिलहाल किसी बड़े नुकसान या घटना की आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है।
छह महीने से जारी टकराव, नहीं निकला कोई रास्ता
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले छह महीनों से जारी संघर्ष का अभी तक कोई निर्णायक समाधान नहीं निकल पाया है। ईरान ने रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखा है, जबकि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी के जवाब में काउंटर-ब्लॉकेड जारी रखे हुए है।
रविवार को भी अमेरिका ने कई सप्ताह बाद ईरान के खिलाफ अपना पहला ज्ञात हमला किया था। इस कार्रवाई में होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित एक ईरानी द्वीप को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई थी।
अब नजर अगली चाल पर
अमेरिका और ईरान के बीच ताजा बयानबाजी ने तनाव को और खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया है।
एक तरफ ट्रंप खुले तौर पर ‘सबसे बड़े हमले’ की चेतावनी दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड जवाबी कार्रवाई की बात कर रहा है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दोनों देश अगले चरण में सीधे और व्यापक सैन्य टकराव की ओर बढ़ेंगे या फिर आखिरी वक्त में तनाव कम करने का कोई रास्ता निकलेगा।
