हथिनीकुंड बैराज हादसा: लापता सेना के जवान का शव सहारनपुर में मिला, 12 किमी दूर खत्म हुई तलाश

बी के झा

NSK news Ind

यमुनानगर (हरियाणा) , 3 सितंबर

यमुना के तेज बहाव में डूबी थी सेना की मोटर बोट, मंगलवार शाम से चल रहा था सर्च ऑपरेशन; सेना, वायुसेना और प्रशासन की संयुक्त टीम जुटी थी तलाश में यमुनानगर/सहारनपुर।

हथिनीकुंड बैराज में सेना के अभ्यास के दौरान यमुना नदी में लापता हुए जवान की तलाश गुरुवार को दर्दनाक अंत के साथ खत्म हुई। करीब दो दिनों तक चले सघन सर्च ऑपरेशन के बाद जवान का शव उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में नदी से बरामद किया गया। शव बैराज से करीब 12 किलोमीटर दूर बरथा गांव के पास मिला। घटना की सूचना मिलते ही सेना के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को अपने कब्जे में ले लिया।

जवान के लापता होने की खबर के बाद से ही सेना और उसके परिवार में चिंता का माहौल था। परिजन जवान की सकुशल वापसी की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन गुरुवार को शव मिलने की खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

डेंजर जोन में पहुंची थी मोटर बोट

हादसा मंगलवार शाम हथिनीकुंड बैराज क्षेत्र में हुआ था। बताया गया कि सेना की वन पैरा स्पेशल फोर्स के जवान यमुना नदी में अभ्यास कर रहे थे। इसी दौरान सेना की मोटर बोट नदी के उस हिस्से में पहुंच गई, जिसे तेज बहाव के कारण डेंजर जोन माना जाता है।तेज धार के बीच नाव नियंत्रण खो बैठी और बहते हुए बैराज के नीचे की ओर चली गई। पानी के तेज बहाव के कारण मोटर बोट हादसे का शिकार होकर नदी में डूब गई। इस दौरान कुछ जवान किसी तरह तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन एक जवान तेज धारा में बह गया और लापता हो गया।

सेना और प्रशासन ने चलाया संयुक्त अभियान

जवान के लापता होने की सूचना मिलते ही बड़े स्तर पर तलाश अभियान शुरू किया गया। सेना के साथ वायुसेना, स्थानीय पुलिस और नागरिक प्रशासन की टीमें भी सर्च ऑपरेशन में जुट गईं। नदी के बहाव और कठिन परिस्थितियों के बावजूद जवान की तलाश लगातार जारी रही।घंटों की तलाश के बाद भी जब जवान का कोई सुराग नहीं मिला तो आसपास के नदी क्षेत्र में भी सर्च अभियान का दायरा बढ़ाया गया। आखिरकार गुरुवार को सहारनपुर के बरथा गांव के पास नदी में जवान का शव बरामद कर लिया गया।

परिवार को थी सुरक्षित लौटने की उम्मीद

हादसे के बाद जवान के परिवार को उसके सुरक्षित मिलने की उम्मीद थी। सेना और प्रशासन की टीमें लगातार तलाश में जुटी थीं। शव मिलने के बाद परिवार की वह उम्मीद टूट गई।

सेना के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और आगे की आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

हथिनीकुंड बैराज में हुआ यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि नदी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में सैन्य अभ्यास कितना चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा हो सकता है।

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