बी के झा
NSK news India

अलीगढ़, 24 सितंबर
उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव की आहट के बीच अलीगढ़ से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय (आरएमपीएसयू) के लोकार्पण को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। विश्वविद्यालय के अंदरखाने चल रही तैयारियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 अक्टूबर के बाद अलीगढ़ आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की अंतिम तारीख अभी आधिकारिक रूप से तय नहीं हुई है और पीएमओ की स्वीकृति का इंतजार है।
यह वही विश्वविद्यालय है जिसकी आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 सितंबर 2021 को रखी थी। उस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कार्यक्रम में मौजूद थे। अब करीब पांच साल बाद उसी परियोजना के लोकार्पण की तैयारियां प्रधानमंत्री के संभावित दौरे के साथ जुड़ती दिखाई दे रही हैं।
शिलान्यास से लोकार्पण तक… पांच साल का सफर
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय अलीगढ़ मंडल के उच्च शिक्षा ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक यह आवासीय-सह-संबद्ध राज्य विश्वविद्यालय है, जहां शिक्षण, शोध, पुस्तकालय, डिजिटल सुविधाओं और उच्च शिक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को विकसित किया जा रहा है।
2021 में प्रधानमंत्री मोदी ने जिस परियोजना की नींव रखी थी, अब उसी के पूर्ण स्वरूप को सार्वजनिक रूप से समर्पित करने की तैयारी है। विश्वविद्यालय में प्रवेश, परीक्षाओं, शोध और शिक्षक भर्ती जैसी गतिविधियां भी जारी हैं, जिससे संस्थान के नियमित अकादमिक संचालन का विस्तार दिखाई देता है।
22 जून के योगी दौरे के बाद तेज हुई हलचल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 जून को राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण किया था। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित विभागों की गतिविधियों में तेजी आने की चर्चा है।विश्वविद्यालय प्रशासन की कोशिश है कि जिस परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री के हाथों हुआ था, उसका लोकार्पण भी उन्हीं के हाथों हो।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रबुद्ध सिंह के मुताबिक इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं और प्रधानमंत्री की ओर से समय मिलने पर यह विश्वविद्यालय परिवार के लिए गौरव का अवसर होगा।यानी मामला सिर्फ एक औपचारिक उद्घाटन का नहीं है। विश्वविद्यालय के लिए यह उस परियोजना के एक महत्वपूर्ण पड़ाव का प्रतीक होगा, जिसकी शुरुआत स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास से हुई थी।
अलीगढ़ में PM मोदी आए तो सिर्फ विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रहेगा संदेश
प्रधानमंत्री का संभावित अलीगढ़ दौरा इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव अब दूर नहीं है। ऐसे समय में किसी बड़े शैक्षणिक संस्थान का लोकार्पण राजनीतिक विमर्श से पूरी तरह अलग नहीं रह सकता।
हालांकि प्रधानमंत्री के दौरे को सीधे चुनावी परिणामों से जोड़ना अभी जल्दबाजी होगी, लेकिन इतना जरूर है कि विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और प्रधानमंत्री के संबोधन का राजनीतिक संचार पर असर पड़ सकता है।
अलीगढ़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण राजनीतिक और शैक्षणिक केंद्र है। ऐसे में यहां से दिया गया विकास, शिक्षा और क्षेत्रीय सुविधाओं से जुड़ा संदेश व्यापक राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन सकता है।पहले की रिपोर्टों में भी प्रधानमंत्री के संभावित अलीगढ़ दौरे को राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय समेत कुछ अन्य विकास परियोजनाओं के लोकार्पण से जोड़कर देखा गया था।
BJP के लिए विकास का नैरेटिव, विपक्ष के लिए सवालों का मैदान
2027 से पहले उत्तर प्रदेश में विकास परियोजनाएं राजनीतिक विमर्श का अहम हिस्सा बनने वाली हैं। सत्तापक्ष इन परियोजनाओं को अपने शासन और बुनियादी ढांचे के कामकाज के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत कर सकता है, जबकि विपक्ष स्वाभाविक रूप से परियोजनाओं की लागत, समयसीमा, रोजगार, शिक्षा की गुणवत्ता और आम लोगों तक वास्तविक लाभ जैसे सवाल उठा सकता है।यही वजह है कि आरएमपीएसयू का लोकार्पण केवल विश्वविद्यालय परिसर तक सीमित कार्यक्रम नहीं रहेगा।
अगर प्रधानमंत्री यहां आते हैं और जनसभा को संबोधित करते हैं तो शिक्षा के साथ-साथ अलीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास का व्यापक संदेश भी सामने आ सकता है।
PMO की हरी झंडी के बाद तस्वीर होगी साफ
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तारीख को लेकर है। विश्वविद्यालय सूत्रों के अनुसार 15 अक्टूबर के बाद दौरे की संभावना है, लेकिन अंतिम तारीख प्रधानमंत्री कार्यालय की स्वीकृति के बाद ही स्पष्ट होगी।इसलिए अभी इसे प्रधानमंत्री का तय कार्यक्रम कहना उचित नहीं होगा। लेकिन संभावित दौरे को लेकर तैयारियों का तेज होना इस बात का संकेत जरूर है कि विश्वविद्यालय प्रशासन किसी भी संभावित कार्यक्रम के लिए खुद को तैयार रखना चाहता है।
2021 में शिलान्यास, 2026 में लोकार्पण की तैयारी
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की कहानी अब एक ऐसे पड़ाव पर पहुंच रही है, जहां पांच साल पहले रखी गई आधारशिला को पूर्ण संस्थागत स्वरूप मिलने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी नींव रखी थी और अब उनके ही हाथों लोकार्पण कराने की विश्वविद्यालय प्रशासन की इच्छा है।
अलीगढ़ में अगर अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में प्रधानमंत्री का कार्यक्रम तय होता है, तो मंच पर विश्वविद्यालय का लोकार्पण होगा, लेकिन उसके साथ शिक्षा, विकास और 2027 से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीतिक दिशा पर बहस भी तेज होना तय माना जा सकता है।
फिलहाल निगाहें पीएमओ की अंतिम मंजूरी और कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।
