बी के झा
NSK news Ind


श्रीनगर, 30 सितंबर
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों के अभियान को मंगलवार देर रात बड़ी सफलता मिली। मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के ऊंचाई वाले यूसमर्ग क्षेत्र में सुरक्षा बलों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का एक शीर्ष आतंकवादी मारा गया। सुरक्षा अधिकारियों ने मारे गए आतंकी की पहचान सुलेमान शाह उर्फ फौजी मूसा के रूप में की है।
हालांकि, सेना की शुरुआती आधिकारिक सूचना में आतंकी की पहचान का उल्लेख नहीं किया गया था।बताया जा रहा है कि मूसा जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी हमलों में वांछित था और पीर पंजाल पर्वतमाला के दोनों ओर आतंकी गतिविधियों से उसका संबंध रहा था। इससे पहले 5 सितंबर को यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई मुठभेड़ के दौरान वह सुरक्षाबलों की घेराबंदी से निकल गया था। उस अभियान में उसका करीबी सहयोगी यासिर मारा गया था।
खुफिया सूचना पर शुरू हुआ ‘ऑपरेशन
कोरग’सेना के चिनार कोर के मुताबिक, विशिष्ट खुफिया सूचना के आधार पर सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने यूसमर्ग के कोरग इलाके में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया था। तलाशी के दौरान जवानों को संदिग्ध गतिविधि दिखाई दी। सुरक्षाबलों ने संदिग्धों को चुनौती दी तो आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी।इसके बाद इलाके में भीषण गोलीबारी शुरू हो गई। मुठभेड़ में एक आतंकी को मार गिराया गया।
सेना ने अभियान को ‘ऑपरेशन कोरग’ नाम दिया है।घने जंगल, ऊंचाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। रिपोर्टों के मुताबिक, मुठभेड़ के बाद भी तलाशी अभियान जारी रहा और आसपास छिपे अन्य आतंकियों की तलाश की जा रही थी।
5 सितंबर की मुठभेड़ से बच निकला था मूसा
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, मूसा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था। 5 सितंबर को यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई मुठभेड़ में उसका करीबी सहयोगी यासिर मारा गया था, जबकि मूसा उस समय सुरक्षाबलों को चकमा देकर निकलने में सफल रहा था। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी तलाश और तेज कर दी थी।मूसा का मारा जाना इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह पीर पंजाल के दोनों ओर सक्रिय आतंकी नेटवर्क से जुड़ा बताया जाता था।
सुरक्षा अधिकारियों ने इसे जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के लिए बड़ा झटका बताया है।
पीर पंजाल में लगातार कसता सुरक्षा घेरा
मूसा के खिलाफ कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब सुरक्षा बल जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी और जंगल वाले इलाकों में आतंकियों की तलाश के लिए अभियान लगातार तेज कर रहे हैं। राजौरी, पुंछ और कठुआ के कई दूरदराज क्षेत्रों में भी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के बाद संयुक्त तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं।अधिकारियों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, सीआरपीएफ और बीएसएफ की टीमें घने जंगलों तथा दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में तलाशी ले रही हैं।
सुरक्षा बलों का फोकस आतंकियों के संभावित ठिकानों और उनके आवाजाही के रास्तों की पहचान कर उन्हें घेरने पर है।अभियान अभी खत्म नहीं हुआ
बडगाम के कोरग इलाके में मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान जारी रखा है। जंगलों और पहाड़ी भूभाग को देखते हुए जवान बेहद सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। आशंका है कि इलाके में अन्य आतंकी भी छिपे हो सकते हैं।सुरक्षा बलों का अभियान केवल एक आतंकी को ढेर करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र में मौजूद आतंकियों और उनके संभावित नेटवर्क का पता लगाने पर भी केंद्रित है। ऐसे में आने वाले घंटों में तलाशी अभियान से और जानकारी सामने आने की संभावना है।
एनएसके विश्लेषण:
बडगाम के यूसमर्ग क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई सुरक्षा बलों के उस लगातार अभियान का हिस्सा है, जिसमें पीर पंजाल और कश्मीर के दुर्गम इलाकों में सक्रिय आतंकियों पर दबाव बढ़ाया जा रहा है।
फौजी मूसा जैसे शीर्ष कमांडर का मारा जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण ऑपरेशनल उपलब्धि है, हालांकि इलाके में तलाशी अभियान जारी रहने से यह स्पष्ट है कि खतरा पूरी तरह समाप्त मानना अभी जल्दबाजी होगी।
