हिमाचल में तड़के भूकंप के झटकों से दहली धरती, 4.1 रही तीव्रता; शिमला-सोलन में सहमे लोग, फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं

बी के झा

NSK news Ind

शिमला, 17 अक्टूबर

हिमाचल प्रदेश में शनिवार की सुबह उस वक्त धरती कांप उठी, जब ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे। सुबह करीब 4 बजकर 37 मिनट पर आए भूकंप के झटकों ने लोगों को सहमा दिया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.1 दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती विवरण के मुताबिक, शिमला और सोलन में झटकों का असर अधिक महसूस किया गया, जबकि प्रदेश के कुछ अन्य हिस्सों में भी हल्का कंपन महसूस होने की बात कही गई है।

अचानक धरती हिलने से कई लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। सुबह के सन्नाटे के बीच महसूस किए गए इन झटकों ने पहाड़ी राज्य में भूकंप के खतरे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया। हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान या संपत्ति को क्षति पहुंचने की सूचना नहीं है।

शिमला के आसपास अधिक असर, 10 किलोमीटर गहराई बताई गई

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भूकंप की गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई है और इसका केंद्र शिमला क्षेत्र में होने की बात कही गई है। भूकंप का केंद्र और गहराई उसके प्रभाव को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण होते हैं। हालांकि, इन विवरणों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित भूकंप निगरानी एजेंसी के आंकड़ों से की जानी चाहिए।

भूकंप की तीव्रता 4.1 होने के बावजूद झटकों का अनुभव अलग-अलग स्थानों पर अलग हो सकता है। इसका असर भूकंप के केंद्र से दूरी, जमीन की प्रकृति, इमारतों की बनावट और स्थानीय भूगर्भीय परिस्थितियों पर भी निर्भर करता है।

पहाड़ी राज्य में भूकंप का खतरा क्यों गंभीर?

हिमाचल प्रदेश भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में स्थित है। यहां की भौगोलिक बनावट और सक्रिय भूगर्भीय हलचल के कारण भूकंप के जोखिम को हल्के में नहीं लिया जा सकता। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि 5 तीव्रता का हर भूकंप पहाड़ी क्षेत्रों में बड़ी तबाही मचाता है। नुकसान की आशंका कई परिस्थितियों पर निर्भर करती है और कम तीव्रता के झटके भी कमजोर इमारतों को प्रभावित कर सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप के दौरान घबराने के बजाय सुरक्षित कदम उठाना बेहद जरूरी है। घर के भीतर होने पर मजबूत मेज के नीचे शरण लें, सिर और गर्दन को ढकें तथा झटके रुकने तक खिड़कियों और भारी सामान से दूर रहें। झटके रुकने के बाद ही सावधानी से बाहर निकलें और क्षतिग्रस्त इमारतों में दोबारा प्रवेश करने से बचें।

फिलहाल राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी

सुबह आए भूकंप के बाद फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। फिर भी हिमाचल जैसे संवेदनशील पहाड़ी राज्य में इस तरह के झटके प्राकृतिक जोखिमों के प्रति सतर्क रहने की याद दिलाते हैं।

प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से किसी आधिकारिक नुकसान संबंधी अपडेट की पुष्टि होने पर स्थिति की अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

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