बी के झा
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भरतपुर, 13 सितंबर
कभी परिवार की इच्छा के खिलाफ जाकर शुरू हुआ प्रेम विवाह अब थाने की चौखट तक पहुंच गया है। बिहार के खगड़िया में एसपी के पद पर तैनात 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी भानुप्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा के बीच चल रहा पारिवारिक विवाद अब राजस्थान के भरतपुर में चर्चा का विषय बन गया है।
पूजा ने भरतपुर के मथुरा गेट थाने पहुंचकर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दी है। उनका आरोप है कि पति और ससुराल वाले उनकी छह साल की बेटी को उनसे दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।
मामला इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि जिस रिश्ते की शुरुआत करीब एक दशक पहले प्रेम विवाह से हुई थी, वही रिश्ता अब बेटी की कस्टडी और पारिवारिक विवाद के बीच कानूनी प्रक्रिया की दहलीज पर खड़ा नजर आ रहा है।
बिहार से भरतपुर पहुंचीं पत्नी, ससुराल का दरवाजा नहीं खुला
पूजा के मुताबिक उन्हें जानकारी मिली कि उनके पति भानुप्रताप सिंह अपनी छह साल की बेटी के साथ भरतपुर में हैं। इसके बाद वह बिहार से सीधे भरतपुर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि सबसे पहले वह गीता कॉलोनी स्थित ससुराल गईं, जहां करीब एक घंटे तक दरवाजा खुलवाने की कोशिश करती रहीं, लेकिन किसी ने गेट नहीं खोला।इसके बाद पूजा विजय नगर स्थित अपनी ननद के घर पहुंचीं।
उनका कहना है कि वहां भी उन्हें अंदर आने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद वह मथुरा गेट थाने पहुंचीं और पुलिस से मदद की गुहार लगाई।पूजा देर रात तक थाने में बैठी रहीं। पुलिस की ओर से फिलहाल मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए कानूनी प्रक्रिया और जांच के आधार पर आगे कार्रवाई करने की बात कही गई है।
कौन हैं IPS भानुप्रताप सिंह?
भानुप्रताप सिंह 2020 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं और वर्तमान में बिहार के खगड़िया जिले में एसपी के पद पर तैनात हैं। मूल रूप से वह उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से बताए जाते हैं। उनका परिवार राजस्थान के भरतपुर की गीता कॉलोनी में किराए के मकान में रहता है।
भानुप्रताप के पुलिस सेवा में आने की कहानी भी उनकी पत्नी पूजा के बयान से जुड़ी है। पूजा के मुताबिक दोनों की मुलाकात वर्ष 2015 में एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। बातचीत आगे बढ़ी और दोनों ने परिवार की इच्छा के खिलाफ जाकर विवाह कर लिया।
पत्नी का दावा- ‘UPSC की तैयारी के दौर में दिया साथ’
पूजा का कहना है कि शादी के बाद उन्होंने करीब पांच साल तक भरतपुर के एक निजी स्कूल में शिक्षिका के तौर पर काम किया और परिवार को संभालने में सहयोग दिया। इसी दौरान भानुप्रताप सिंह ने यूपीएससी की तैयारी की।बाद में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा में हुआ। पूजा के अनुसार, पति के चयन के बाद शुरुआती दौर में सबकुछ ठीक रहा, लेकिन समय के साथ दोनों के रिश्तों में कड़वाहट बढ़ती चली गई।अब यही पारिवारिक तनाव छह साल की बेटी की कस्टडी को लेकर विवाद में बदल गया है।
भरतपुर से बिहार तक क्यों चर्चा में आया मामला?
यह पूरा घटनाक्रम इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसमें एक ओर बिहार में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के रूप में तैनात IPS अधिकारी हैं, तो दूसरी ओर उनकी पत्नी राजस्थान के थाने में पहुंचकर अपने वैवाहिक अधिकारों और बेटी से मिलने को लेकर मदद मांग रही हैं।
हालांकि, इस मामले में अभी दोनों पक्षों के आरोप और दावे सामने आना बाकी हैं। इसलिए किसी भी आरोप को अंतिम सत्य मानने के बजाय पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के निष्कर्ष का इंतजार करना जरूरी है।
पुलिस ने IPS अधिकारी से फोन पर की बात
मथुरा गेट थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आईपीएस भानुप्रताप सिंह से फोन पर बातचीत की है। पुलिस का कहना है कि आगे की कार्रवाई शिकायत, उपलब्ध तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी।फिलहाल यह विवाद सिर्फ पति-पत्नी के बीच मतभेद तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि इसमें एक मासूम छह साल की बच्ची की कस्टडी भी प्रमुख मुद्दा बन गई है।
प्रेम से शुरू हुआ रिश्ता अब कानूनी मोड़ पर
करीब 11 साल पहले परिवार की नाराजगी की परवाह किए बिना साथ आने वाले दो लोगों की कहानी आज एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां प्रेम विवाह की पुरानी यादों की जगह आरोप, शिकायत, पुलिस और बेटी की कस्टडी जैसे सवाल खड़े हैं।
अब निगाह इस बात पर है कि पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया इस पारिवारिक विवाद को किस दिशा में ले जाती है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—जिस रिश्ते ने कभी परिवार के विरोध के बावजूद अपना रास्ता बनाया था, उसमें ऐसी कौन-सी दरार आई कि मामला बिहार से राजस्थान के थाने तक पहुंच गया?
