बी के झा
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नई दिल्ली, 19 अगस्त
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के टिकरी कलां स्थित एक CNG स्टेशन पर बुधवार दोपहर गैस भरते समय हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार घटना की सूचना दोपहर 3:37 बजे मिली, जिसके बाद छह दमकल गाड़ियों को तत्काल मौके पर भेजा गया। राहत एवं बचाव अभियान चलाकर घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल विस्फोट के वास्तविक कारणों की जांच जारी है।
कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक ट्रक में CNG भरी जा रही थी, तभी उसका गैस टैंक अचानक फट गया। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पास खड़े कर्मचारी और अन्य लोग उसकी चपेट में आ गए।अधिकारियों ने बताया कि आग पर शीघ्र नियंत्रण पा लिया गया, जिससे बड़ा अग्निकांड टल गया। हालांकि विस्फोट के कारण हुए जान-माल के नुकसान ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
दिल्ली फायर सर्विस का बयान
फायर सर्विस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि:, “सूचना मिलते ही छह दमकल वाहन भेजे गए। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। विस्फोट के कारणों का तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है।”पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञ घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर यह पता लगाने में जुटे हैं कि हादसा तकनीकी खराबी, अत्यधिक दबाव या मानकों की अनदेखी के कारण हुआ।
अप्रैल 2026 की घटना से मिलती-जुलती तस्वीरयह पहली बार नहीं है जब दिल्ली के किसी CNG स्टेशन पर ऐसा हादसा हुआ हो। अप्रैल 2026 में द्वारका के नजफगढ़-मित्राऊं रोड स्थित CNG पंप पर भी ट्रक के सिलेंडर में विस्फोट हुआ था, जिसमें चार लोग घायल हुए थे। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने CNG स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
सुरक्षा विशेषज्ञों की राय
रक्षा एवं औद्योगिक सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि CNG स्वयं सुरक्षित ईंधन मानी जाती है, लेकिन उच्च दबाव (High Pressure) पर गैस भरने की प्रक्रिया में यदि सिलेंडर, वाल्व या पाइपलाइन में दोष हो तो परिणाम घातक हो सकते हैं।विशेषज्ञों के अनुसार आवश्यक कदम:
सिलेंडरों की समय-समय पर हाइड्रो टेस्टिंग
एक्सपायरी डेट वाले टैंकों पर पूर्ण प्रतिबंध
पंप कर्मचारियों का नियमित सुरक्षा प्रशिक्षण
गैस भरते समय निर्धारित सुरक्षा दूरी का पालन
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
दिल्ली सरकार ने मृतकों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए मजिस्ट्रियल जांच और सुरक्षा मानकों की समीक्षा के संकेत दिए हैं।
विपक्षी दलों ने घटना को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए सभी CNG स्टेशनों का विशेष सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है।
समाजसेवी संस्थाओं की मांग
सड़क सुरक्षा और श्रमिक अधिकारों से जुड़ी संस्थाओं ने मांग की है कि CNG पंपों पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए अनिवार्य सुरक्षा उपकरण, बीमा और आपदा प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं में जनहानि कम हो सके।
जांच के प्रमुख बिंदु
क्या ट्रक का CNG टैंक मानक के अनुरूप था?
गैस भरने की प्रक्रिया में कोई तकनीकी त्रुटि हुई?
सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं?
पंप के उपकरणों का अंतिम सुरक्षा निरीक्षण कब हुआ था?
फिलहाल पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस और तकनीकी विशेषज्ञ संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं। अंतिम रिपोर्ट के बाद ही विस्फोट की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
