तेलंगाना में डांडिया की खुशियां मातम में बदलीं: लाइटिंग का विशाल ढांचा गिरने से छात्रा की मौत, 12 घायल; कॉलेज प्रबंधन पर केस दर्ज, प्रबंधन ने तेज आंधी को बताया वजह

बी के झा, NSK दिल्ली

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हैदराबाद, 18 अक्टूबर

डांडिया की थाप, संगीत की गूंज और उत्सव के उल्लास के बीच अचानक ऐसा हादसा हुआ कि खुशियों से भरा कॉलेज परिसर चीख-पुकार और मातम में बदल गया। तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में स्थित एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज में वार्षिक तकनीकी-सांस्कृतिक उत्सव के दौरान लाइटिंग के लिए लगाया गया भारी धातु का ढांचा गिर पड़ा। इसकी चपेट में आने से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (ईईई) की प्रथम वर्ष की छात्रा सोना नारायण दास की मौत हो गई, जबकि करीब 12 अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।इस दर्दनाक घटना ने कॉलेज परिसरों में आयोजित होने वाले बड़े कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ परिजन इसे सुरक्षा में लापरवाही का नतीजा बता रहे हैं, वहीं कॉलेज प्रबंधन ने हादसे के लिए अचानक आई तेज आंधी को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

डांडिया के बीच टूटा मौत का ढांचा, मची अफरा-तफरी

हादसा हैदराबाद के पास नादरगुल स्थित एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय वार्षिक तकनीकी-सह-सांस्कृतिक उत्सव ‘संगमम’ के समापन कार्यक्रम के दौरान हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मैदान में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं डांडिया कर रहे थे। इसी बीच मंच की सजावटी लाइटों को सहारा देने वाला विशाल धातु का स्टैंड अचानक टूटकर वहां गिर गया, जहां छात्राओं का एक समूह मौजूद था।भारी ढांचे के गिरते ही कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। लोग घायलों की मदद के लिए दौड़े और तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल छात्रा सोना नारायण दास को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में एक छात्रा की मौत हुई है और 12 लोग घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

‘हमें जवाब चाहिए’, परिजनों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

मृतक छात्रा के चाचा सुरेश ने हादसे को लेकर कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के बुनियादी इंतजामों में कमी थी और इसी वजह से एक परिवार की बेटी की जान चली गई।सुरेश के मुताबिक, उन्हें शाम करीब सात से आठ बजे के बीच हादसे की सूचना मिली। उनके दोस्त अशोक ने फोन कर बताया कि लाइटिंग और सजावट के लिए लगाया गया खंभा छात्रा के सिर पर गिर गया है। शुरुआत में उन्हें लगा कि चोट मामूली होगी, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि छात्रा को मृत अवस्था में लाया गया था।

परिजनों का आरोप है कि आयोजन से पहले सुरक्षा व्यवस्था और भारी ढांचे की मजबूती की पर्याप्त जांच की गई होती, तो शायद इस त्रासदी को टाला जा सकता था। परिवार ने घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।हालांकि, सुरक्षा में चूक हुई या नहीं, इसका अंतिम निर्धारण जांच के तथ्यों के आधार पर ही होगा।

कॉलेज प्रबंधन की सफाई: अचानक आई तेज आंधी बनी वजह

कॉलेज के निदेशक प्रसन्ना कुमार ने हादसे पर दुख जताते हुए इसे तेज हवाओं के कारण हुई अप्रत्याशित दुर्घटना बताया। उनके अनुसार, कॉलेज में शुक्रवार को तकनीकी कार्यक्रम और अगले दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। छात्रों के अनुरोध पर उत्सव के समापन के लिए शाम करीब 5:30 से 6 बजे के बीच डांडिया कार्यक्रम रखा गया था।निदेशक ने दावा किया कि कार्यक्रम समाप्त होने से लगभग 10 मिनट पहले अचानक तेज आंधी आई। हवा के दबाव के कारण लाइटिंग को सहारा देने वाला स्टैंड टिक नहीं सका और गिर गया।

उन्होंने बताया कि हादसे के बाद घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए कॉलेज के वाहनों का इस्तेमाल किया गया, क्योंकि एम्बुलेंस का इंतजार करने में समय लग रहा था। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया और कुछ विद्यार्थियों को सीटी स्कैन के लिए भी ले जाया गया। प्रबंधन के मुताबिक, जांच के लिए ले जाए गए कुछ छात्रों को खतरे से बाहर बताया गया था।कॉलेज प्रशासन ने शोक संतप्त परिवार को हर संभव सहायता देने और घायलों के उपचार की निगरानी करने की बात कही है।

भाजपा नेता ने भी उठाए सवाल, आपराधिक लापरवाही का आरोप

हादसे के बाद भाजपा नेता अंडाला श्रीरामुलु यादव ने घटनास्थल का दौरा किया और कॉलेज अधिकारियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्याप्त सहारे के बिना ऊंचे और अस्थिर खंभे लगाए गए थे, जो गिरकर छात्राओं पर जा पड़े।भाजपा नेता ने इसे कॉलेज प्रबंधन की गंभीर लापरवाही करार देते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनके दावों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से होनी बाकी है।

इस घटना में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि क्या लाइटिंग के भारी ढांचे को तेज हवा और भीड़भाड़ वाले आयोजन को ध्यान में रखकर पर्याप्त सुरक्षा के साथ लगाया गया था?

क्या कार्यक्रम शुरू होने से पहले उसकी स्थिरता और सुरक्षा की जांच की गई थी?

इन सवालों के जवाब जांच के दौरान सामने आने चाहिए।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने जताया दुख

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इंजीनियरिंग कॉलेज में हुए हादसे में छात्रा की मौत पर दुख व्यक्त किया है। घटना के बाद मृतका के परिवार और घायलों के प्रति संवेदना जताई गई है।पुलिस की जांच अब इस बात पर केंद्रित होगी कि हादसा केवल अचानक आई तेज आंधी का परिणाम था या आयोजन के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन में भी कोई कमी रही। कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उत्सवों की चमक के पीछे सुरक्षा से समझौता क्यों?

एमवीएसआर कॉलेज की यह घटना एक छात्रा की असमय मौत और कई विद्यार्थियों के घायल होने तक सीमित नहीं है। यह उन तमाम शैक्षणिक संस्थानों और आयोजकों के लिए चेतावनी है, जहां बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सजावट, लाइटिंग और अस्थायी ढांचों का इस्तेमाल किया जाता है।तेज हवा या खराब मौसम अचानक आ सकता है, लेकिन ऐसे हालात में भारी स्टैंड और धातु के ढांचों की मजबूती, सुरक्षित स्थापना, भीड़ से उचित दूरी और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करना आयोजकों की जिम्मेदारी का अहम हिस्सा है।

एक छात्रा की मौत के बाद केवल शोक जताना पर्याप्त नहीं होगा। जरूरी है कि हादसे की निष्पक्ष जांच हो, सुरक्षा में संभावित चूक की जिम्मेदारी तय की जाए और ऐसी व्यवस्था बने कि किसी कॉलेज का उत्सव किसी परिवार के जीवन का सबसे बड़ा दुख न बन जाए।

NSK दिल्ली की नजर इस मामले की जांच और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ आगे होने वाली कार्रवाई पर बनी रहेगी।

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