बी के झा
पटना, 25 अगस्त।
बिहार में भर्ती परीक्षाओं की लेटलतीफी, पेपर लीक और परिणामों में देरी को लेकर छात्र-अभ्यर्थियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी बीच आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर सरकार से युवाओं की मांगों पर तत्काल और ठोस पहल करने की अपील की है।
गर्दनीबाग धरना स्थल पर आंदोलनरत अभ्यर्थियों से मुलाकात का हवाला देते हुए तेजस्वी ने कहा कि सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं में भर्ती प्रक्रिया को लेकर गहरी निराशा है।
उन्होंने सरकार को 9 प्रमुख सुझाव देते हुए कहा कि आंदोलन कर रहे युवाओं की आवाज को नजरअंदाज करना उचित नहीं होगा।तेजस्वी की प्रमुख मांगों में TRE-4 की एकल परीक्षा और ‘वन कैंडिडेट-वन रिजल्ट’ नीति, LET और BET परीक्षाओं के लिए निश्चित समय-सारिणी तथा BPSC मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में हिंदी भाषी अभ्यर्थियों के साथ कथित भेदभाव समाप्त करना शामिल है।
उन्होंने दारोगा, सिपाही, BSSC और BPSC समेत सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पूर्व की विवादित परीक्षाओं की स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच कराने और भर्ती माफिया पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।पत्र में सहायक प्राध्यापकों की नियमित नियुक्ति, आयु सीमा में छूट, आरक्षण और डोमिसाइल नीति के पालन तथा अतिथि सहायक प्राध्यापकों के सेवा-संरक्षण की मांग भी उठाई गई है।
इसके अलावा BSSC इंटर, CGL, ASO, BSO, लाइब्रेरियन और लेखपाल जैसी लंबित परीक्षाओं की तिथियां घोषित करने, वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करने और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता के साथ शैक्षणिक सत्र नियमित करने की मांग की गई है।
तेजस्वी ने साफ संकेत दिया है कि बिहार में रोजगार का सवाल अब महज परीक्षा व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और सरकार की जवाबदेही से जुड़ा बड़ा राजनीतिक प्रश्न बन चुका है।
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